दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान उत्कृष्ट तकनीक, अनुशासन, साहस और आत्मविश्वास का परिचय दिया। उन्होंने श्रीलंका, वियतनाम समेत कई देशों के मजबूत खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देते हुए फाइनल मुकाबले में जीत हासिल की। उनकी इस सफलता के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा गर्व से लहराया।
प्रतियोगिता में भारतीय टीम के साथ कोच आदर्श और अभिमन्यु भी मौजूद रहे। दोनों कोचों के मार्गदर्शन और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का परिणाम स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया।
शिवानी पांडेय वर्तमान में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में एमए (समाजशास्त्र) की छात्रा हैं, जबकि अश्विन कुमार पांडेय बीकॉम ऑनर्स के छात्र हैं। दोनों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर डब्ल्यूडब्ल्यूएसएल इंडिया, उनके परिवार, कोच, समर्थकों और पूरे भारतीय ताइक्वांडो समुदाय में खुशी की लहर है। खेल प्रेमियों ने उम्मीद जताई है कि दोनों खिलाड़ी भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए इसी तरह पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाते रहेंगे।