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Sports News: नेहरू हॉकी...काशी की बालिकाएं तैयार, पहली बार मिली ऑल इंडिया में खेलने की सौगात; पढ़ें खबरें

Thu, 23 Oct 2025 03:14 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी के खिलाड़ी जिले के बाहर जाकर विभिन्न खेलों में अपना शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां भी खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन हो रहे हैं। जीते हुए खिलाड़ियों को सम्मान के साथ प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।
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लालपुर स्टेडियम में हाॅकी खेलते खिलाड़ी। - फोटो : अमर उजाला
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Sports News in Hindi: जिले की बेटियां अब देश की राजधानी में अपने हुनर का लोहा मनवाने को तैयार हैं। नई दिल्ली के ऐतिहासिक शिवाजी स्टेडियम में जारी 31वीं ऑल इंडिया नेहरू बालिका हॉकी प्रतियोगिता में इस बार पहली बार वाराणसी की टीम ने जगह बनाई है। यह प्रतियोगिता 19 अक्टूबर से शुरू हुई है, जो 30 अक्तूबर तक चलेगी। वाराणसी की टीम को शुरुआती दौर में बाई मिली है, इसलिए उनका पहला मुकाबला 26 अक्तूबर को खेला जाएगा।

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वाराणसी की यह टीम विकास इंटर कॉलेज की बालिकाओं से बनी है, जो उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। पिछले महीने झांसी में आयोजित प्रादेशिक नेहरू हॉकी बालिका प्रतियोगिता में विकास इंटर कॉलेज की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप अपने नाम की थी। इसी उपलब्धि के दम पर टीम को ऑल इंडिया स्तर पर खेलने का अवसर मिला। यह उपलब्धि वाराणसी के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ रही है।

खिलाड़ी तैयारी

दिल्ली रवाना होने से पहले टीम ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर क्रीड़ा संकुल, बड़ा लालपुर में 10 अक्तूबर से विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था, जो उप क्रीड़ा अधिकारी अकरम महमूद और कोच इदरीस अहमद की देखरेख में चला। इस शिविर का समापन बुधवार को हुआ। खिलाड़ियों ने इस दौरान फिटनेस, पासिंग, कॉर्डिनेशन और डिफेंस की रणनीति पर विशेष रूप से काम किया।

कोच इदरीस अहमद ने बताया कि वाराणसी की बालिकाओं को तैयार करने के लिए उन्हें लगातार बालकों के साथ अभ्यास मैच खिलाए गए, ताकि उन्हें कठिन प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि हमारी खिलाड़ी शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट हैं। हमारी सबसे बड़ी ताकत छोटे-छोटे तेज पास और रिवर्स फ्लिक हैं, जो विरोधियों को चकित कर देंगे। 

टीम में पांच राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी शामिल हैं, जिनका अनुभव बाकी साथियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। 24 अक्तूबर को वाराणसी की टीम नई दिल्ली के लिए रवाना होगी। जिला खेल अधिकारी ने टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह वाराणसी के लिए गौरव का क्षण है।

राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप में चमका बनारस का साहिल
काशी के युवा खिलाड़ी साहिल कुमार ने अपने शानदार प्रदर्शन से उत्तर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया है। शीएट पब्लिक स्कूल के छात्र साहिल ने 3 से 10 अक्तूबर तक उत्तराखंड में आयोजित 50वीं सब-जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की टीम का प्रतिनिधित्व किया। इस प्रतियोगिता में साहिल ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल से सभी का ध्यान आकर्षित करते हुए अपनी टीम को गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

पूरे टूर्नामेंट में साहिल कुमार ने सबसे अधिक बास्केट किए और टीम के प्रमुख स्कोरर के रूप में उभरे। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ के सम्मान से नवाजा गया। साथ ही पुरस्कार स्वरूप 50 हजार रुपये की धनराशि भी दी गई। 

इस उपलब्धि पर स्कूल के प्रबंध निदेशक विवेक विक्रम सिंह ने कहा कि साहिल ने अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से विद्यालय और प्रदेश दोनों का मान बढ़ाया है। विद्यालय की प्रधानाचार्या प्रिया सिंह ने भी साहिल को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता उनके निरंतर अभ्यास, खेल भावना और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। 
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एशियन यूथ गेम्स में दिखा काशी की बेटियों का दम
काशी की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर काशी का नाम रोशन किया है। बहरीन में आयोजित तीसरे एशियन यूथ गेम्स में वाराणसी की कोमल राजभर और नैना यादव भारतीय महिला हैंडबॉल टीम की ओर से खेल रही हैं। दोनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने जज्बे और खेल कौशल से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। 

भारतीय टीम ने लीग मुकाबले में कजाखस्तान का सामना किया, जिसमें उसे 39-26 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, मुकाबला बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। हाफ टाइम तक स्कोर 19-15 से कजाकिस्तान के पक्ष में था। भारतीय टीम की ओर से फॉरवर्ड पोजीशन पर खेल रही नैना यादव ने दो शानदार गोल दागे, जबकि गोलकीपर कोमल राजभर ने कई बार बेहतरीन बचाव करते हुए विरोधी टीम के हमलों को नाकाम किया। उनके प्रदर्शन की वजह से स्कोर का अंतर और बड़ा नहीं हो पाया।दोनों प्रतिभाशाली खिलाड़ी वाराणसी के परमानंदपुर स्थित विकास इंटर कॉलेज की छात्राएं हैं। 

वे परमानंदपुर मिनी स्टेडियम में डॉ. आशा सिंह के मार्गदर्शन में नियमित रूप से हैंडबॉल का प्रशिक्षण लेती हैं। उनके कोच और परिजन इस उपलब्धि से गदगद हैं। उत्तर प्रदेश हैंडबॉल संघ के उपाध्यक्ष डॉ. एके सिंह ने बताया कि काशी की इन दोनों बेटियों ने जिस समर्पण और मेहनत से खेल में अपनी जगह बनाई है, वह वाराणसी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कोमल और नैना आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को पदक दिलाने की क्षमता रखती हैं।
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