सिगरा के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में चार साल बाद मुक्केबाजी रिंग इंस्टॉल किया गया है। ऐसे में अब स्टेडियम के खिलाड़ियों को काफी सहूलियत होगी।
सिगरा के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में आधुनिक खेल सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। जीर्णोद्धार के चार साल बाद खेल विभाग की ओर से आधुनिक मुक्केबाजी रिंग इंस्टॉल कर दिया गया है। अब स्टेडियम के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए निजी संस्थानों पर खर्च नहीं करना होगा।
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कोच रिंग में अभ्यास कराएंगे। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी विमला सिंह ने बताया कि प्रशिक्षित कोच की देखरेख में अभ्यास कराया जाएगा। खेल निदेशालय से 6.75 लाख मंगाए गए हैं। खिलाड़ी वॉर्मअप करने के बाद रिंग में प्रशिक्षण भी लेंगे।
एनसीओई की बाईं और ओपन जिम के पास इसे लगाया गया है। खिलाड़ियों के अर्द्धचंद्राकार सीढ़ी नुमा बैठने की व्यवस्था की गई है। रिंग में चढ़ने के लिए दो सीढ़ी है। लंबे समय से रिंग नहीं होने की वजह से खिलाड़ियों को दिक्कत हो रही थी। पिछले साल प्रादेशिक और राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी का मौका वाराणसी को मिला था। रिंग नहीं होने की वजह से दोनों प्रतियोगिताएं झांसी को दे दी गईं।
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एथलेटिक्स : 150 एथलीट को पीछे छोड़ कला संकाय ने तीन स्पर्धाओं में आठ पदक जीते
बीएचयू के मैदान में दौड़ते एथलीट
- फोटो : अमर उजाला
विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद बीएचयू की ओर से सोमवार को एंफीथियेटर में अंतर संकाय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 15 विभागों और तीन संस्थानों के 150 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। पहले दिन पांच स्पर्धाओं में कला संकाय के खिलाड़ियों ने तीन में आठ पदक जीते और अंक तालिका में टॉप पर जगह बनाई। 800 मीटर दौड़ में कला संकाय के सूरज पटेल ने प्रथम और अमन शर्मा दूसरे स्थान पर रहे। जबकि सामाजिक विज्ञान संकाय के बाल कृष्ण कुमार को तीसरा स्थान मिला।
800 मीटर महिला वर्ग में वसंत कन्या पीजी कॉलेज की अनामिका ने स्वर्ण, सामाजिक विज्ञान संकाय की प्रीति ने रजत और एमएमवी की सुजाता ने कांस्य पदक जीता। ट्रिपल जंप में कृषि विज्ञान संस्थान के स्नेही प्रिंस ने स्वर्ण, सामाजिक विज्ञान संकाय के राजीव ने रजत और विज्ञान संस्थान के साहिल ने कांस्य जीता।
महिला वर्ग में कला संकाय की नेहा यादव ने स्वर्ण, विज्ञान संस्थान की अंजली महतो ने रजत और एमएमवी की बुलकेश ने कांस्य पदक जीता। ऊंची कूद में सामाजिक विज्ञान संकाय के राहुल ने स्वर्ण और गुड्डू ने रजत जबकि विज्ञान संस्थान के अविनाश ने कांस्य जीता। महिला वर्ग में एमएमवी की आद्या ने स्वर्ण और अदिती मौया ने रजत और विधि संकाय की याशी सिंह ने कांस्य पदक जीता।
पांच किलोमीटर वॉक रेस में कला संकाय के आकर्ष जायसवाल ने स्वर्ण, डीएवी पीजी कॉलेज के अजीत कुमार गोंड ने रजत और कला संकाय के मोहित सिंह ने कांस्य जबकि महिला वर्ग में कला संकाय की रिशु ने स्वर्ण और अंजली ने रजत जीता। विधि संकाय की स्नेहा ने कांस्य पदक जीता। जेवलिन थ्रो के पुरुष वर्ग में कला संकाय के दिग्विजय सिंह ने स्वर्ण और प्रीयेश ने रजत और विधि संकाय के कार्तिक यादव ने कांस्य जबकि महिला वर्ग में कला संकाय की वर्षा ने स्वर्ण, सिंधुबाला ने रजत जबकि विधि संकाय की जान्ह्वी शाही ने कांस्य पदक जीता।
उद्घाटन क्रीड़ा परिषद के महासचिव प्रो. बीसी कापरी ने किया। संचालन आयोजन सचिव डॉ. खुर्शीद अहमद, धन्यवाद डॉ. रॉबिन सिंह ने दिया। इस मौके पर प्रो़ अर्चना सिंह, प्रो. निर्माला होरो, डॉ. वैभव राय, डॉ. प्रदीप खालखो मौजूद रहे।
टी-20 : इंजीनियरिंग विभाग ने लगातार दसवीं जीत हासिल की, प्वाइंट टेबल में टॉप पर
लहरतारा के पूर्वोत्तर रेलवे के मिनी स्टेडियम में अंतर विभागीय ग्रीष्मकालीन टी-20 प्रतियोगिता में इंजीनियरिंग विभाग ने सोमवार को 10वीं जीत हासिल की। इस जीत के साथ इंजीनियरिंग विभाग अंक तालिका में टॉप पर है। ग्रीष्मकालीन टी-20 में दसवां मैच इंजीनियरिंग विभाग और विद्युत लोको शेड विभाग की टीम के बीच हुआ। पहले बल्लेबाजी कर इंजीनियरिंग विभाग ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 222 रन बनाए। विजय ने 113, ऋषभ ने 57 और सुभाष ने 17 रन बनाए।
विद्युत लोको शेड के शैलेंद्र ने दो, धीरज, राना प्रताप, राम गोपाल जोशी और प्रशांत ने एक-एक विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करते हुए विद्युत लोको शेड की पूरी टीम 14 ओवर में 92 रन पर ढेर हो गई। इंजीनियरिंग विभाग ने 130 से जीत दर्ज कर 2 अंक प्राप्त किए।
इंजीनियरिंग विभाग के हेमंत ने चार, कमलेश ने तीन, विजय, अजीत और सुभाष ने एक-एक विकेट लिए। विजय को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। इस अवसर पर मंडल क्रीड़ा अधिकारी बलेंद्र पाल, अभिनव कुमार सिंह, पुष्पेंद्र बैस और अभिषेक कुमार मौजूद रहे।