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भारतीय हॉकी टीम की जीत के लिए दुआ कर रहे खेल प्रेमी

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टोक्यो ओलंपिक में हॉकी के सेमीफाइनल में भले ही भारतीय हॉकी की महिला और पुरुष टीमें अपने मैच हार गईं हों। लेकिन अभी दोनों टीमों के पास कांस्य पदक जीतने का मौका है। ऐसे में खेलप्रेमी दोनों टीमों की जीत के लिए दुआ कर रहे हैं। पुरुष टीम का मुकाबला बृहस्पतिवार को जर्मनी से और महिला टीम का मुकाबला छह अगस्त को ब्रिटेन से होगा।
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बरेका कोच सुनील सिंह ने बताया कि लोगों में हॉकी को लेकर जागरूक करने और टोक्यो ओलंपिक में भारतीय टीम के पदक जीतने की उम्मीद है। पुरुष टीम में शामिल काशी के ललित उपाध्याय के घर पर भी उत्साह और पदक की उम्मीद कम नहीं हुई है। पिता सतीश उपाध्याय ने बताया कि बेटे का अंतिम मैच बृहस्पतिवार को जर्मनी से है। पदक के लिए पूरा परिवार शांति से मैच देखेगा। ललित के साथ कई अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले उनके दोस्त और हॉकी खिलाड़ी हरिकृपाल यादव, लक्ष्मीशंकर, जूनियर खिलाड़ी गौतम का कहना है कि भारतीय हॉकी टीम के पास पदक जीतने का एक मौका और है, पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदलने के साथ ही मैदानी गोल से टीम को जीत मिलेगी। पदक 41 साल की कमी भी पूरी होगी।
जीत के बाद झांकी निकालने की तैयारी
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने पदक जीता तो बरेका की ओर से झांकी निकालने की तैयारी है। जिसमें बरेका की हॉकी टीम और खेल प्रेमी शामिल होंगे। जो जश्न के साथ काशी वासियों को हॉकी के इतिहास के बारे में परिचय कराते हुए खेल के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे। कोरोना प्रोटोकाल को देखते हुए झांकी के लिए प्रशासन और जीएम से अनुमति भी ली जाएगी।
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