इसी के तहत मंगलवार को भी पंजाब के जालंधर से चली एक विशेष ट्रेन सुबह पांच बजे पहुंचे। इस ट्रेन से कुल 1334 प्रवासी श्रमिक आए हैं। रेलवे स्टेशन पर ही राजस्व विभाग के लेखपालों ने पहले इन यात्रियों का डाटा संग्रह किया और एक-एक कर सभी को ट्रेन से उतारा गया और सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम के माध्यम से सभी की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई।
पंजाब ने तो दी रोटी सब्जी, यूपी में मिली सिर्फ खिचड़ी
ट्रेनों से आ रहे प्रवासी श्रमिकों की यूपी सरकार द्वारा अनदेखी किए जाने का मामला फिर प्रकाश में आया है। रास्ते में भरपेट भोजन की व्यवस्था का दावा करने वाली केंद्र व प्रदेश सरकार वास्तव में ऐसा कर नहीं रही है। पंजाब प्रांत की सरकार ने मजदूरों को ट्रेन में बैठा कर रवाना करने से पहले रोटी-सब्जी के साथ ही पानी का बोतल उपलब्ध कराई थी लेकिन रात में ट्रेन जब यूपी में पहुंची तो मुरादाबाद में इन्हें मात्र खिचड़ी मिली।
इससे किसी भी यात्री का पेट नहीं भरा। रेलवे स्टेशन पहुंचे यात्रियों का कहना था कि 18 घंटे के सफर में चार रोटी व खिचड़ी के साथ ही एक बोतल पानी के बल कर वे अपने घर पहुंचे हैं। रास्ते में ठीक से भोजन नहीं मिला, इसका कोई गम नहीं है बस खुशी इस बात की है कि अपने घर पहुंच गए।
जिला प्रशासन ने उपलब्ध कराया लाई-गुड़
जालंधर से पहुंचे यात्रियों को जिला प्रशासन की तरफ से लाई व गुड़ ही उपलब्ध कराया गया। पीने के पानी की व्यवस्था आरओ वाली बोतल लगा कर की गई। मंगलवार सुबह आई इस ट्रेन के यात्रियों को खाने का सामान व पीने के पानी के पैकेट उपलब्ध कराने के लिए किसी भी स्वयं सेवी संगठन की टीम नहीं दिखाई दी।
रात गुजरात के सूरत से आएगी दूसरी ट्रेन
मंगलवार को एक और श्रमिक स्पेशल ट्रेन लगभग 12 सौ प्रवासी श्रमिकों को लेकर जिले में पहुंचेगी। स्टेशन अधीक्षक बाबूराम ने बताया कि दूसरी ट्रेन सूरत से चल चुकी है। जो देर रात आठ बजे के आसपास आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी। इन श्रमिकों की भी स्टेशन पर ही स्क्रीनिंग कराई जाएगी और उन्हें बसों से शेल्टर हाऊस भेज कर दो दिनों के लिए क्वारंटीन किया जाएगा।