बीएचयू विज्ञान संस्थान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारतीय वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास की भावी संभावनाओं पर चर्चा की। बतौर मुख्य वक्ता भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान मोहाली के संस्थापक निदेशक प्रो. एन सत्यमूर्ति ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में विज्ञान के क्षेत्र में शोध में नवाचार पर विशेष जोर देना होगा। विज्ञान संंस्थान के संगोष्ठी संकुल में हुए कार्यक्रम में प्रो. सत्यमूर्ति ने भारत में प्राकृतिक विज्ञान के विकास और विभिन्न विषयों में उनके दूरगामी योगदान की चर्चा की।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक चिंतन और अनुसंधान की परंपरा भारतीय बौद्धिक परंपराओं में लंबे समय से विद्यमान रही है। राष्ट्रीय प्रगति के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण का होना बहुत जरूरी है। यदि आपको विज्ञान में बने रहना है, तो नए विचार प्रस्तुत करने होंगे। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि अब विज्ञान अनेक विधाओं में विस्तृत हो चुका है और इसमें ‘इंजीनियरिंग विज्ञान’ जैसे उभरते अंतर्विषयक क्षेत्र भी शामिल हैं। प्रोे.राजेश कुमार श्रीवास्तव ने सीवी रमन के बीएचयू से संबंधों की चर्चा की। इस दौरान वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रो. आरएन खरवार को वर्ष 2025-26 के लिए सीएनआर राव एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से उत्कृष्ट शोध सम्मान से नवाजा गया। रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो.केएन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।