जीडीपी की वृद्धि दर में कमी का अर्थ देश मे बेरोजगारी, महंगाई, कृषि क्षेत्र में गिरावट आई है। जिससे देश का विकास अवरुद्ध हो गया है। लेकिन सरकार जनता को पाकिस्तान व चीन के नाम पर मुद्दे से भटका रही है।
जीडीपी वृद्धिदर में कमी के कारण गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों की संख्या में वृद्धि होगी, महंगाई बढ़ेगी और बेरोजगारों की संख्या में वृद्धि लगभग 16000 तक हो जाएगी। सरकार की नीति है न पढ़े इंडिया न बढ़े इंडिया बस जाति और सम्प्रदाय में बंटे इंडिया।
विरोध प्रदर्शन में आशु श्रीवास्तव, विकास कुमार, आलोक सोनकर, चन्दन दुबे, काशी नाथ गुप्ता, रवि पटेल, बबलू बिन्द प्रकाश सहानी, नवीन सिंह, अरुण मौर्य, अजय पटेल आदि शामिल रहे।