सरकार का प्रयास है कि लोग एक जगह इकठ्ठे न होने पाएं। अगर किसी को कोरोना है तो मैं उसे गले लगाने को तैयार हूं। बड़ी शर्म लगती है कि कोरोना के लिए इमरजेंसी लगाई जा रही है। अगर कोरोना है तो उसे मेरे पास लाइए मैं उसकी दवा भी करूंगा और उसे गले भी लगाउंगा।
उन्होंने कहा कि यह जनता को गुमराह करने की साजिश है। यह लोग धरना प्रदर्शन से डरे हुए हैं। उनके इस बयान को गंभीरता से लेते हुए डीएम एनपी सिंह ने शनिवार को उन्हें नोटिस जारी किया। उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया है। डीएम ने कहा है कि वह बताएं कि कोरोना को लेकर दिए गए बयान का वैज्ञानिक आधार क्या है। अगर नहीं है तो एक जनप्रतिनिधि होकर इस तरह का बयान किस तरह से दे रहे हैं।