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सपा नेता रमाकांत यादव पर मुकदमा, कोरोना को बताया भाजपा का छलावा, कहा- पीड़ित को लगा लूंगा गले

Sat, 21 Mar 2020 02:38 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
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रमाकांत यादव। - फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़ के पूर्व सांसद एवं सपा नेता रमाकांत यादव को कोरोना वायरस को अफवाह और छलावा बताना भारी पड़ गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी आजमगढ़ सुभाष चंद्र दुबे के आदेश पर शनिवार को सिधारी थाने में रमाकांत यादव के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराया गया। डीआईजी ने बताया कि इस प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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उन्होंने एक चैनल को दिए बयान में कहा था कि कोरोना छलावा है। कोरोना पीड़ित को गले लगा लूंगा, जिस समय इस महामारी से बचाव के लिए शासन नित्य नए उपाय कर रहा है। उस समय पूर्व सांसद को इसके विरोध में बयान देना महंगा पड़ गया। डीएम एनपी सिंह ने उन्हें नोटिस जारी कर उनके दिए बयान का वैज्ञानिक आधार पूछा है। साथ ही एक सप्ताह के अंदर नोटिस का जवाब देने का निर्देश दिया है।

शुक्रवार को सपा में शामिल हुए पूर्व राज्यसभा सांसद बलिहारी बाबू का सपा कार्यालय पर स्वागत हुआ। स्वागत के बाद उन्होंने मीडिया से अपनी बात कही। उनके बाद पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने भी मीडिया से बात की और कोरोना वायरस को लेकर यह बयान दिया।

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उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस भाजपा द्वारा फैलाई गई अफवाह है। देश में कोरोना नहीं है। सरकार एनआरसी, सीएए, एनआरपी, महंगाई आदि से ध्यान हटाने के लिए सरकार जनता को गुमराह कर रही है। कोरोना एक छलावा है, यह और कुछ नहीं है। मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इसका प्रसार किया जा रहा है। 

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सरकार का प्रयास है कि लोग एक जगह इकठ्ठे न होने पाएं। अगर किसी को कोरोना है तो मैं उसे गले लगाने को तैयार हूं। बड़ी शर्म लगती है कि कोरोना के लिए इमरजेंसी लगाई जा रही है। अगर कोरोना है तो उसे मेरे पास लाइए मैं उसकी दवा भी करूंगा और उसे गले भी लगाउंगा।

उन्होंने कहा कि यह जनता को गुमराह करने की साजिश है। यह लोग धरना प्रदर्शन से डरे हुए हैं। उनके इस बयान को गंभीरता से लेते हुए डीएम एनपी सिंह ने शनिवार को उन्हें नोटिस जारी किया। उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया है। डीएम ने कहा है कि वह बताएं कि कोरोना को लेकर दिए गए बयान का वैज्ञानिक आधार क्या है। अगर नहीं है तो एक जनप्रतिनिधि होकर इस तरह का बयान किस तरह से दे रहे हैं।
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