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वाराणसी में नाम वापसी के बाद सपा-कांग्रेस को राहत, भाजपा की उलझन बढ़ी

Tue, 21 Feb 2017 01:11 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017
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वाराणसी में नामांकन वापसी के अंतिम दिन सोमवार को कैंट से सपा प्रत्याशी रीबू श्रीवास्तव और रोहनिया से निर्दल प्रत्याशी पल्लवी पटेल समेत छह प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले ‌लिए।  इन प्रत्याशियों के पर्चा वापस लेने के बाद  वाराणसी  की आठ विधानसभा सीटों पर अब 127 प्रत्याशी मैदान में हैं।
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कैंट से सपा प्रत्याशी रीबू श्रीवास्तव के नाम वापसी के साथ सपा-कांग्रेस गठबंधन को राहत मिली है। इस सीट से अब अनिल श्रीवास्तव कांग्रेस प्रत्याशी होंगे। दोनों लोगों के नामांकन करने के बाद गठबंधन खतरे में था। 
वहीं भाजपा के टिकट बंटवारे से असंतुष्ट कई लोगों ने नामांकन वापस नहीं लिया। इससे भाजपा की उलझन बढ़ गई है।  इसकी जानकारी मिलने के भाजपा ने नए सिरे से चुनावी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
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इधर,  सोमवार देर शाम तक इन सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए। आठ मार्च को वाराणसी  में मतदान होना है और 11 मार्च को मतगणना होगी। पर्चा वापस लेने वाले सभी प्रत्याशियों को उनकी जमानत राशि लौटा दी जाएगी।

अपना दल की अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने अपना दल और उनकी बेटी पल्लवी पटेल ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में रोहनिया विधानसभा सीट से पर्चा भरा था। कृष्णा पटेल का पर्चा खारिज होने की स्थिति में पल्लवी को चुनाव लड़ाने की योजना थी।

स्थिति स्पष्ट होने के बाद सोमवार की सुबह ग्यारह बजे ही पल्लवी पर्चा वापस लेने कलेक्ट्रेट पहुंची और रोहनिया विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष अपना पर्चा वापस लिया।

वहीं कैंट से सपा प्रत्याशी रीबू श्रीवास्तव दोपहर करीब 2:45 बजे कलेक्ट्रेट पहुंची। तीन बजे तक ही नामांकन होना था। वक्त पूरा होने के करीब पंद्रह मिनट पहले पहुंच उन्होंने नामांकन पत्र वापस लिया। 

शहर उत्तरी से प्रमोद, कैंट से सत्य प्रकाश मालवीय, दक्षिणी से सत्य प्रकाश श्रीवास्तव और अजगरा से बैजनाथ ने पर्चा वापस लिया। कैंट से रीबू के पर्चा वापस लेने से जिले में सपा-कांग्रेस गठबंधन टूटने से बच गया।
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पर्चा वापस लेने के दौरान भावुक हुई रीबू श्रीवास्तव

- फोटो : अमर उजाला
सपा-कांग्रेस गठबंधन में कांग्रेस अपने सहयोगी दल सपा पर भारी साबित हुई। इसके साथ ही सपा-कांग्रेस गठबंधन में पिछले पांच दिनों से चल रही उठापटक सोमवार को रीबू श्रीवास्तव के पर्चा वापस लेने के बाद थम गई। रीबू के  पर्चा वापसी का सीधा फायदा कांग्रेस प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव को मिलेगा।

रीबू का कहना है कि उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कहने पर ही पार्टी का सिंबल लगाकर नामांकन किया था। अब मुख्यमंत्री के कहने पर ही पर्चा वापस लिया है। नामांकन वापस लेने के दौरान रीबू काफी भावुक थी। कहा पार्टी में पूरी निष्ठा है, पार्टी नहीं छोड़ूंगी।
रीबू ने जब नामांकन किया था तो उनके साथ सपा का कोई पदाधिकारी नहीं था लेकिन पर्चा वापसी के दौरान उनके साथ सपा जिलाध्यक्ष डा. पीयूष यादव और महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल समेत तमाम नेता थे। सपा सूत्रों की मानें तो सुबह दस बजे ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रीबू को फोन कर पर्चा वापस लेने का निर्देश दिया था।

हालांकि इसके बाद रीबू पूरे दिन लापता रहीं। चर्चा रही कि वह लखनऊ में कुछ नेताओं से संपर्क कर अपना दावा जताने में लगी हुई थीं लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर आखिरकार उन्हें झुकना पड़ा। वह दोपहर 2:45 बजे सपा पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची और कैंट के रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष पर्चा वापस लिया। पर्चा वापस लेकर जाते समय रीबू के समर्थकों ने कांग्रेस मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। उनकी नाराजगी साफ झलक रही थी।
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