वाराणसी में नामांकन वापसी के अंतिम दिन सोमवार को कैंट से सपा प्रत्याशी रीबू श्रीवास्तव और रोहनिया से निर्दल प्रत्याशी पल्लवी पटेल समेत छह प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए। इन प्रत्याशियों के पर्चा वापस लेने के बाद वाराणसी की आठ विधानसभा सीटों पर अब 127 प्रत्याशी मैदान में हैं।
कैंट से सपा प्रत्याशी रीबू श्रीवास्तव के नाम वापसी के साथ सपा-कांग्रेस गठबंधन को राहत मिली है। इस सीट से अब अनिल श्रीवास्तव कांग्रेस प्रत्याशी होंगे। दोनों लोगों के नामांकन करने के बाद गठबंधन खतरे में था।
वहीं भाजपा के टिकट बंटवारे से असंतुष्ट कई लोगों ने नामांकन वापस नहीं लिया। इससे भाजपा की उलझन बढ़ गई है। इसकी जानकारी मिलने के भाजपा ने नए सिरे से चुनावी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
इधर, सोमवार देर शाम तक इन सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए। आठ मार्च को वाराणसी में मतदान होना है और 11 मार्च को मतगणना होगी। पर्चा वापस लेने वाले सभी प्रत्याशियों को उनकी जमानत राशि लौटा दी जाएगी।
अपना दल की अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने अपना दल और उनकी बेटी पल्लवी पटेल ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में रोहनिया विधानसभा सीट से पर्चा भरा था। कृष्णा पटेल का पर्चा खारिज होने की स्थिति में पल्लवी को चुनाव लड़ाने की योजना थी।
स्थिति स्पष्ट होने के बाद सोमवार की सुबह ग्यारह बजे ही पल्लवी पर्चा वापस लेने कलेक्ट्रेट पहुंची और रोहनिया विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष अपना पर्चा वापस लिया।
वहीं कैंट से सपा प्रत्याशी रीबू श्रीवास्तव दोपहर करीब 2:45 बजे कलेक्ट्रेट पहुंची। तीन बजे तक ही नामांकन होना था। वक्त पूरा होने के करीब पंद्रह मिनट पहले पहुंच उन्होंने नामांकन पत्र वापस लिया।
शहर उत्तरी से प्रमोद, कैंट से सत्य प्रकाश मालवीय, दक्षिणी से सत्य प्रकाश श्रीवास्तव और अजगरा से बैजनाथ ने पर्चा वापस लिया। कैंट से रीबू के पर्चा वापस लेने से जिले में सपा-कांग्रेस गठबंधन टूटने से बच गया।