नगर के मिल्लत नगर में हुई गोलीकांड की घटना को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक डा.कौस्तुभ शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया। इसके बाद वे कोतवाली में पहुंचकर संलिप्त संदिग्धों और चिकित्सकों से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद एसपी रवाना हो गए।
पीड़ित अफजल खान के अनुसार उनके दोनों बेटे अफान और अयान खान 18 जुलाई को आजमगढ़ जनपद के अम्बारी थाना क्षेत्र स्थित ननिहाल से लौट रहे थे। उनके मामा अतिकुर्रहमान दोनों को लेकर लौटते समय नगर के मिल्लत नगर में अपने रिश्तेदार फैजान के घर चले गए। वहीं पर फैजान का भांजा आदिल पहले से मौजूद था, जिसने अयान को पकड़कर कमरे में ले जाकर गोली मार दी। पीड़ित के अनुसार, गोली मारने का आदेश फैजान के बेटे अब्दुल रहमान ने दिया था। घटना के बाद घायल अयान को स्थानीय निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से जवाब मिलने पर उसे जौनपुर के नईगंज स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अफजल का आरोप है कि आरोपी पक्ष के करीबी डॉ.मोहसीन ने घायल का इलाज नहीं किया और उसे 14 घंटे तक अस्पताल में ही रखा गया। बाद में उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। इस दौरान न तो पुलिस को सूचना दी गई और न ही समय रहते उचित इलाज मिल सका, जिससे अयान की जान चली गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने खुद पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने दो नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी, लेकिन 13 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। शुक्रवार को आरोपी शूटर आदिल ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि मास्टरमाइंड फैजान और अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। घटना में चिकित्सकों की संदिग्ध भूमिका को लेकर पुलिस ने डॉ.मोहसीन, डॉ.सालेह और डॉ.अब्दुल्ला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।