लाओस, कंबोडिया, थाईलैंड से भी आ रहे छात्र : डॉ. अरुण यादव ने बताया कि बुद्ध उपदेश स्थली पर शिक्षा लेने के लिए लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमार, श्रीलंका और थाईलैंड से भी युवा बीएचयू में आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस कोर्स का काफी प्रचार किया गया।
दक्षिण पूर्वी एशियाई युवाओं में बढ़ा बीएचयू का क्रेज
पाली-बौद्ध अध्ययन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरुण यादव का कहना है कि शास्त्रीय भाषा के दर्जा के बाद पहली बार विदेशी छात्रों का रुझान इस पाली और बौद्ध अध्ययन की ओर बढ़ा है। दक्षिण पूर्वी एशियाई युवाओं के बीच बीएचयू का क्रेज बढ़ गया है।
दक्षिण एशिया के साथ सांस्कृतिक और अकादमिक जुड़ाव बेहतर होगा। इस बार करीब 30 विदेशी छात्र प्रवेश ले सकते हैं। इनके दाखिले के लिए सीटों की लिमिट नहीं होती। इनकी सीट पर सुपर न्यूमेरी कोटा लागू होता है। इनका प्रवेश ज्यादा से ज्यादा हो, यही सुनिश्चित किया जाता है।