लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड होल्डर कथक नृत्यांगना सोनी चौरसिया लगातार थिरकन से विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए फिर संघर्ष में उतरेंगी। केरल के त्रिचूर की हेमलता कमंडलु के 123 घंटे 20 मिनट तक बिना रुके नाचने के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए वे काशी में दोबारा प्रदर्शन करेंगी। चार अप्रैल की शाम पांच बजे से मोहनसराय स्थित माउंट लिटेरा स्कूल में उनकी यह कोशिश लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनंेगी।
सबसे लंबे मैराथन नृत्य के लिए सोनी ने जबरदस्त पूर्वाभ्यास किया है। माउंट लिटेरा स्कूल के चेयरमैन प्रदीप विश्नोई और प्रिंसिपल अंजना देव के सहयोग से उनकी यह कोशिश आगे बढ़ेगी। पत्रकारों को गुरुवार को यह जानकारी स्वरांगना ललित कला केंद्र के निदेशक सुरेंद्र कुमार मिश्र शीलू, अल्पना राय चौधरी, डॉ. विधि नागर, मनीष खत्री ने संयुक्त रूप से दी। बताया कि सोनी का छह दिवसीय नृत्य अभियान चार अप्रैल की शाम 5 बजे से शुरू होकर 9 अप्रैल की रात नौ बजे तक चलेगा।
इसके साक्ष्य की व्यवस्था जिलाधिकारी राजमणि यादव की ओर से की जाएगी। स्वास्थ्य टीम डॉ. नीरज खन्ना की देखरेख में काम करेगी, जबकि खानपान डाइटिशियन डॉ. गोल्डी अरोरा के निर्देशन में दिया जाएगा। डॉ. एसएस पांडेय के नेतृत्व में योग गुरु इंदल प्रसाद फिजियोथिरेपी का जिम्मा संभालेंगे। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष 14 नवंबर को आर्य महिला पीजी कॉलेज में सोनी ने कमंडलु के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए अभियान शुरू किया था लेकिन 87 घंटे 18 मिनट के बाद वह आगे नहीं बढ़ सकी थीं। इस बार उन्होंने फिर विश्व कीर्तिमान बनाने के लिए कदम बढ़ाया है।