उर्जांचल की मुख्य सड़कों में से एक अनपरा-शक्तिनगर मार्ग को टू लेन से फोर लेन बनाने की कवायद तेज हो गई है।
नए वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। जगह-जगह गड्ढे में तब्दील अनपरा-शक्तिनगर के चलते बढ़ते प्रदूषण और पटरियों के ध्वस्त होने से आवागमन में होती परेशानी को देखते हुए, सड़क निर्माण को लेकर पहल तेज की गई है।
एनएचआई की एक टीम ने कुछ दिन पूर्व इस मार्ग का दौरा कर सड़क की स्थिति जांची।
अब सूबे के लोक निर्माण की विभाग की तरफ से भी बीच सड़क से दोनों तरफ से तेरह-तेरह मीटर जमीन नापी का काम करने के साथ ही जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।
एनजीटी ने ऊर्जांचल की मुख्य सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आदेश दे रखा है। इसको देखते हुए दो वर्ष पूर्व अनपरा-शक्तिनगर मार्ग को टू लेन से फोर लेन बनाने की कवायद शुरू की गई ताकि प्रदूषण के साथ ही आवागमन की समस्या से निजात मिल सके।
एक वर्ष पूर्व इंटर स्टेट कनेक्टिविटी योजना के तहत प्रस्ताव प्रशासकीय स्वीकृति और वित्तीय अनुमति के लिए केंद्र से भेजा गया। वहां से इसे मंजूर कर, निर्माण के लिए बजट अवमुक्त करना था, लेकिन 24 अगस्त 2015 को केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की तरफ से आठ बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए, प्रस्ताव में जरूरी सुधार करने को कहा गया।
सूबे के लोक निर्माण विभाग 31वें वृत्त के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र यती की तरफ से आपत्तियों का निस्तारण कर, विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग के जरिए अनुपालन आख्या केंद्र को भेज दी गई।
एक्सईएन निर्माण खंड एसपी सिंह ने बताया कि केंद्र स्तर से कार्य के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। पखवारे भर पूर्व एनएचआई की एक टीम दौरा कर सर्वे भी कर चुकी है। विभाग की तरफ से भी आंतरिक सर्वे, निर्माण के लिए जमीन नापी आदि का काम जारी है।