डीएफओ के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार देर रात छापेमारी कर दो टिपर पकड़ लिया। लेकिन बालू माफिया टीम के सदस्यों से दुर्व्यवहार एक टिपर छुड़ा ले गए। इस मामले में पांच अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है।
सोन नदी में बड़े पैमाने पर हो रहे बालू के अवैध खनन और अवैध परिवहन के मद्देनजर मिर्जापुर के डीएफओ आशुतोष जायसवाल बृहस्पतिवार देर रात घोरावल पहुंचे। उन्होंने घोरावल और गुरमा वन रेंज कार्यालय के फारेस्ट गार्डों के साथ बरदिया मार्ग पर छापेमारी की। इस दौरान रात करीब एक बजे बिसरेखी गांव में डीएफओ ने बालू लदे दो टिपर पकड़ लिए। इसके बाद छह बालू माफिया बिसरेखी पहुंचे और डीएफओ एवं वन विभाग के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। डीएफओ के साथ आए एक कर्मी के साथ खनन माफिया ने मारपीट भी की और बालू लदा एक टिपर लेकर चले गए। दूसरे टिपर का ड्राइवर भी मौका देखकर भाग निकला।
वन विभाग की टीम ने पकड़ा गया बालू लदा एक टिपर घोरावल वन रेंज कार्यालय में लाकर खड़ा कर दिया। घोरावल वन क्षेत्राधिकारी सरजू प्रसाद ने बताया कि घटना के संबंध में कोतवाली में पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। माफियाओं को चिह्नित किया जा रहा है।
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