जेई विनीत प्रताप सिंह ने बताया कि जिला मुख्यालय से मिली लाभार्थियों की सूची की जांच के दौरान लोग नाम बढ़ाने की जिद पर आ गए। समझाने का प्रयास किया तो लोग मारपीट करने लगे। वहीं, सभासद पति रामदवर ने आरोप लगाया कि जेई ने प्रति आवास पात्रों से पांच हजार रुपये की मांग की। न देने पर आवास रद्द करने की धमकी दी।
विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। चेयरमैन गीता जायसवाल ने बताया कि जांच के लिए मोहल्ले में गए जेई और पालिकाकर्मी के साथ मारपीट की गई। जान बचाकर दोनों जब मेरे घर पहुंचे तो भीड़ ने घर के भीतर से घसीटकर बाहर निकाला और उनके साथ मारपीट की।
उधर, पीड़ित जेई की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने रामदवर, मक्खनलाल और 10 अज्ञात पर मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने का केस दर्ज कर लिया।