बारिश के दौरान छोटे-छोटे बच्चों को भी गैस सिलेंडर के साथ घंटों कतार में खड़ा देखा जा रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि खुले स्थान पर सिलेंडर वितरण के दौरान न तो पर्याप्त छाया की व्यवस्था है और न ही बारिश से बचने का इंतजाम। ऐसे में उन्हें मौसम की मार झेलते हुए सिलेंडर लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं के मुताबिक गैस एजेंसी के कर्मचारियों से होम डिलीवरी और वितरण व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगने पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। कई लोग बगीचे तक पहुंचने के बाद जानकारी के अभाव में वापस लौट जाते हैं। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
नगर से इतनी दूर सिलेंडर लेने जाना पड़ रहा है। ऑटो का किराया अलग से देना पड़ता है, जबकि होम डिलीवरी का शुल्क दाम में शामिल रहता है। बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे लाइन में खड़ा होना काफी परेशानी भरा है। महिलाओं के लिए बैठने और बारिश से बचने तक की व्यवस्था नहीं है। - सत्यनाराण, निवासी सदारी शाहगंज।
सिलेंडर लेने में पूरा दिन खराब हो जाता है। एजेंसी के कर्मचारियों से पूछने पर भी सही जानकारी नहीं मिलती। प्रशासन को व्यवस्था की जांच करनी चाहिए। छोटे बच्चों को लेकर बगीचे तक जाना पड़ता है। बारिश में बच्चे और सिलेंडर लेकर घंटों इंतजार करना बहुत मुश्किल है। घर तक सिलेंडर पहुंचना चाहिए। - दिलीप कुमार, रौंप।
नगर के उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए दो किलोमीटर दूर बुलाना उचित नहीं है। आने-जाने में अतिरिक्त खर्च हो रहा है। संबंधित विभाग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। कई बार जानकारी के अभाव में बगीचे तक जाने के बाद वापस लौटना पड़ता है। इससे समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए। - बृजेश, निवासी लसड़ा।
जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को मामले का संज्ञान लेकर गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी व्यवस्था तत्काल बहाल कराने, वितरण स्थल पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और उपभोक्ताओं को सही जानकारी देने की व्यवस्था करानी चाहिए। बारिश के दिनों में खुले आसमान के नीचे गैस सिलेंडर के लिए कतार लगवाना उनकी परेशानी को और बढ़ा रहा है। - हर्ष पाठक, निवासी, झकाही।
सभी एजेंसियों को होम डिलीवरी कराने का निर्देश दिया गया है। जहां भी उपभोक्ताओं की शिकायत है, वह विभाग को अवगत कराएं। जांच कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -प्रवीण कुमार, आपूर्ति निरीक्षक, रॉबर्ट्सगंज।