टिड्डियों के इस हमले में जायद की फसलों जैसे उड़द, मूंग, मक्का, कोहड़ा, भिंडी, लौकी, मिर्चा इत्यादि को नुकसान पहुंचा है। उधर सूचना मिलते ही उप निदेशक कृषि प्रसार, जिला कृषि अधिकारी, जिला फसल सुरक्षा अधिकारी पूरे दल बल के साथ बिमौरी व गणेशपुर गांव में पहुंचकर रात 11 बजे से सुबह चार बजे तक स्प्रे मशीन से दवाओं का छिड़काव कराया।
हजारों टिड्डियों की हुई मौत
घोरावल तहसील क्षेत्र के करमा पगिया, रानी तारा आदि गांवों में बुधवार को टिड्डियों का दल पहुंचा और खेतों व पेड़ों पर डेरा जमा लिया। मौके पर पहुंची कृषि विभाग की टीम ने रात में ही दवा का छिड़काव कराया।इससे हजारों टिड्डियां मर गईं।
टिड्डी नियंत्रण आपदा राहत दल का गठन
डीएम एस. राजलिंगम ने टिड्डी नियंत्रण आपदा राहत दल का गठन किया है। इसका अध्यक्ष सीडीओ को बनाया गया है। सदस्य के रूप मे उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी व सदस्य सचिव जिला कृषि रक्षा अधिकारी को बनाया गया है।
टिड्डी प्रकोप से संबंधित जानकारी के लिए जिला कृषि अधिकारी के मोबाइल नंबर- 6394944133 को कंट्रोल रूम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। डीएम ने लोगों से अपील किया है कि संभांवित टिड्डी दल के आने आदि के संबंध में तत्काल टिड्डी दल नियंत्रण जिला कंट्रोल रूम पर जानकारी दें।