दुद्धी। निर्माणाधीन कनहर सिंचाई परियोजना के तहत प्रस्तावित कार्यों को गति देने के लिए 65 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह धनराशि कनहर सिंचाई परियोजना को प्राप्त भी हो गई है।
यह जानकारी कनहर सिंचाई परियोजना के अधिशासी अभियंता विनय कुमार सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि शासन ने कनहर सिंचाई परियोजना के तहत प्रस्तावित कार्यों को कराने और वन भूमि पर नहर निर्माण में खर्च धनराशि के भुगतान के लिए यह धनराशि स्वीकृत की है। उन्होंने बताया कि कनहर सिंचाई परियोजना प्रबंधन 15 दिसंबर तक वन विभाग को धनराशि का भुगतान कर देगा। भुगतान के लिए शासन से अनुमति की मांगी गई है। अनुमति मिलने के बाद वन विभाग को भुगतान कर दिया जाएगा। इस भुगतान से नहर निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वन विभाग को 52 करोड़ का भुगतान किया जाना है। शासन से अनुमति मिलने पर यह धनराशि वन विभाग को दे दी जाएगी। उन्होंने बताया कि डूब क्षेत्र के गांवों के पेड़ों के कटान और नंबरिंग के लिए कनहर सिंचाई परियोजना ने वन विभाग को एक लाख 51 हजार रुपये भुगतान किया है। इसके अलावा साढ़े तीन करोड़ रुपये नहर बनाए जाने के लिए भूमि की खरीद पर खर्च किए जाएंगे। इसी तरह से नौ करोड़ 50 लाख रुपये कनहर सिंचाई परियोजना पर रह गए बकाया भुगतान पर खर्च किये जाएंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि लंबे समय से नहर निर्माण का कार्य रुका पड़ा हुआ है। धनराशि प्राप्त होने के बाद अब निर्माण कार्य में तेजी आएगी। परियोजना के अन्य कार्यों में तेजी आएगी। कनहर सिंचाई परियोजना के तहत प्रस्तावित कार्य धनाभाव में धीमी गति से चल रहे थे। धनराशि मिलने पर निर्माण कार्य में तेेजी आने की उम्मीद है।
इनसेट
25 प्रतिशत पर सुरंग, 70 फीसद पर रूका है जलसेतु का काम
सोनभद्र। कनहर परियोजना को 65 करोड़ रुपये मिलने के बाद लंबे समय से ठप पड़े जल सुरंग और जल सेतु का रूका काम जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। अभी तक जल सुरंग का निर्माण कार्य 25 प्रतिशत और जल सेतु का निर्माण कार्य 70 प्रतिशत तक ही पूरा हो पाया है। वन विभाग से क्लीयरेंस न मिलने से इतने पर ही काम लंबे समय से रुका पड़ा है।
करीब 2239 करोड़ की कनहर परियोजना में 39.9 मीटर ऊंचा तथा 3.24 किमी लंबा मुख्य बांध, 311 मीटर स्पीलवे निर्माण, 16 गेट, 121 किमी मुख्य नहर का काम चल रहा है। इसके अलावा 190 किमी राजवाहा का भी काम होना है। विंढमगंज क्षेत्र के कुड़वा में 2.6 किमी सुरंग और मलिया नदी पर 1.77 किमी तक जल सेतु निर्माणाधीन है।क्लीयरेंस के अभाव में 25 प्रतिशत तक ही जल सुरंग और 70 प्रतिशत तक जल सेतु का काम हो पाया है। वन विभाग से क्लीयरेंस के लिए 52 करोड़ देने थे। अब 65 करोड़ धनराशि मिलने के बाद जल सेतु व सुरंग के अलावा नहर का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है। परियोजना का कार्य पूर्ण होने पर जिले के चोपन व दुद्धी ब्लाक के 108 गांवों के 35467 हेक्टेअर जमीन को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा इसी परियोजना से झारखंड के 17 हजार एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
कोट
मई 2022 तक प्रस्तावित सारे कार्य पूरे कर लिए जाने की उम्मीद है।
-विनय कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, परियोजना