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दर्दनाक: स्कूल जाने से पहले पिता की बंदूक से खेल रहा था बेटा, चली गोली; मासूम की मौत

Thu, 08 Aug 2024 11:46 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में गुरुवार को बड़ी घटना सामने आई। यहां पिता की लाइसेंसी बंदूक से 10 साल के बेटे को गोली लग गई। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 
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मौके पर छानबीन करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के चांदपुर में गुरुवार की सुबह पिता की दो नाली बंदूक से खेलते समय चली गोली से बेटे की मौत हो गई। पेट में फंसी गोली को ऑपरेशन करके बाहर निकाला गया। देर रात बेटे ने बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची मंडुवाडीह पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

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गाजीपुर के मूल निवासी प्रफुल्ल सिंह पिछले एक दशक से चांदपुर औद्योगिक आस्थान स्थित मकान में किराये पर सपरिवार रहते हैं। वह चांदपुर में ही बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में तैनात हैं।

प्रफुल्ल सिंह सुबह लगभग नौ बजे दो नाली बंदूक लोड करने के बाद खाना खाने लगे। इसी बीच स्कूल जाने की तैयारी कर रहे बेटे प्रखल उर्फ शिवा (10) के हाथ से अचानक बंदूक से गोली चली और उसके पेट में जा धंसी। तेज आवाज सुनकर परिजन दौड़े तो देखा कि शिवा खून से लथपथ फर्श पर अचेतावस्था में पड़ा था। परिजन और पड़ोसियों ने उसे तुरंत मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल में भर्ती कराया।

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इस बीच सूचना पाकर लहरतारा चौकी इंचार्ज फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और छानबीन की। पेट में लगी गोली से घायल शिवा की हालत चिंताजनक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सकों के अनुसार पेट में फंसी गोली को ऑपरेशन से बाहर निकाला गया। हालांकि रात में बच्चे को बचाया नहीं जा सका। प्रफुल्ल के दो बेटे प्रखल उर्फ शिवा और आठ वर्षीय नमन है। 

पत्नी निशा सिंह बेटे का शव देखते ही चीख पड़ी। पड़ोस की महिलाओं ने किसी तरह उन्हें संभाला। शिवा पास के ही निजी स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। मंडुवाडीह थाना प्रभारी निरीक्षक भरत उपाध्याय ने बताया कि खेलने के दौरान चली गोली से शिवा घायल हुआ था, देर रात उसकी मौत हो गई। अब आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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पड़ोसियों ने समझा कुकर फटा

घटनास्थल के आसपास मौजूद किरायेदारों और पड़ोसियों ने बताया कि इतनी तेज आवाज हुई कि लगा किसी घर में कुकर फट गया है। जब प्रफुल्ल सिंह के मकान में चीख पुकार मची तब गोली चलने की जानकारी मिली। प्रफुल्ल सिंह ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि बेटे से अचानक गोली चली है।

पेट चलाने को ली बंदूक, बेटे का पेट ही फट गया....
घटना से बदहवाश सिक्योरिटी गार्ड प्रफुल्ल को लोग संभालने में लगे रहे। वहीं, ट्रॉमा सेंटर में मौजूद लोगों ने कहा कि पेट पालने के लिए प्रफुल्ल ने दो नाली बंदूक ली। नौकरी से परिवार का पेट चलाता था। क्या पता था कि एक दिन बेटे का पेट ही बंदूक की गोली से फट जाएगा। बेटे के गम में मां और पिता का बुरा हाल रहा।
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