इस बीच सूचना पाकर लहरतारा चौकी इंचार्ज फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और छानबीन की। पेट में लगी गोली से घायल शिवा की हालत चिंताजनक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के चिकित्सकों के अनुसार पेट में फंसी गोली को ऑपरेशन से बाहर निकाला गया। हालांकि रात में बच्चे को बचाया नहीं जा सका। प्रफुल्ल के दो बेटे प्रखल उर्फ शिवा और आठ वर्षीय नमन है।
पत्नी निशा सिंह बेटे का शव देखते ही चीख पड़ी। पड़ोस की महिलाओं ने किसी तरह उन्हें संभाला। शिवा पास के ही निजी स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। मंडुवाडीह थाना प्रभारी निरीक्षक भरत उपाध्याय ने बताया कि खेलने के दौरान चली गोली से शिवा घायल हुआ था, देर रात उसकी मौत हो गई। अब आगे की कार्रवाई की जा रही है।
घटनास्थल के आसपास मौजूद किरायेदारों और पड़ोसियों ने बताया कि इतनी तेज आवाज हुई कि लगा किसी घर में कुकर फट गया है। जब प्रफुल्ल सिंह के मकान में चीख पुकार मची तब गोली चलने की जानकारी मिली। प्रफुल्ल सिंह ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि बेटे से अचानक गोली चली है।
पेट चलाने को ली बंदूक, बेटे का पेट ही फट गया....
घटना से बदहवाश सिक्योरिटी गार्ड प्रफुल्ल को लोग संभालने में लगे रहे। वहीं, ट्रॉमा सेंटर में मौजूद लोगों ने कहा कि पेट पालने के लिए प्रफुल्ल ने दो नाली बंदूक ली। नौकरी से परिवार का पेट चलाता था। क्या पता था कि एक दिन बेटे का पेट ही बंदूक की गोली से फट जाएगा। बेटे के गम में मां और पिता का बुरा हाल रहा।