आकाश के अनुसार, एक अगस्त की रात वह मछलीशहर में पिकअप खाली कर रहा था। इसी दौरान उसके पिता बाइक से पहुंचे और बताया कि जमीन विवाद के मामले में कोतवाली पुलिस ने बुलाया है और वह वहीं से लौट रहे हैं। इसके बाद वह घर नहीं पहुंचे। आरोप है कि उसी रात किसी व्यक्ति ने किराये के बहाने उन्हें ताल क्षेत्र में बुलाया था, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही फोन करने वाले का मोबाइल बंद हो गया। परिजनों का आरोप है कि उसी दिन उनकी हत्या की साजिश रची गई।
दो अगस्त को मछलीशहर कोतवाली में अशोक की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। कार्रवाई न होने पर पांच अगस्त को आकाश ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर बड़े पिता समेत तीन लोगों पर पिता को गायब करने का आरोप लगाया था।
बुधवार रात महराजगंज पुलिस से सूचना मिलने पर आकाश ने शव की तस्वीर देखकर कपड़ों के आधार पर पहचान की। परिजनों का आरोप है कि शव का चेहरा किसी रसायन या तेजाब से जलाया गया प्रतीत हो रहा था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।