उन्होंने बताया कि धार्मिक स्थलों में विग्रह, ग्रंथ, घंटा-घड़ियाल छूना प्रतिबंधित रहेगा। प्रसाद स्वरूप जल छिड़काव भी नहीं किया जाएगा। कोई भी संदिग्ध व्यक्ति मिलने पर इसकी सूचना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी।
कमिश्नर ने यह भी कहा कि यदि कोई धार्मिक स्थल खुद कुछ दिनों के लिए बंद रखना चाहते हैं तो वह रख सकते हैं। खोलने की कोई बाध्यता नहीं है। धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर से कोरोना से बचाव हेतु जानकारी भी दी जाती रहे।
कमिश्नर ने कहा कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। पूरी सजगता व सतर्कता बरतनी है। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी सहित धार्मिक स्थलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।