नगर निगम ने गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ अभियान तेज करते हुए सोमवार को 9250 रुपये जुर्माना वसूला। 18 का चालान काटा। अतिक्रमणकारी खदेड़े गए। पॉलिथीन बेचने वालों पर भी शिकंजा कसा गया।
यह अभियान वरुणापार, दशाश्वमेध और कोतवाली जोन में चलाया गया। स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए यह मुहिम शहर में लगातार जारी रखी जाएगी।
दरअसल, देश के 73 शहरों के बीच कराए गए स्वच्छता सर्वे में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की रैंकिंग आखिरी पायदान के शहरों में आने के बाद न सिर्फ नगर निगम प्रशासन बल्कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया गया है। तय किया गया है कि गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ अब सिर्फ चेतावनी नहीं बल्कि कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह सब कुछ शहर में बेहतर साफ-सफाई के लिए किया जा रहा है। आगामी दिसंबर से पहले शहर में स्वच्छता अभियान पूरी तरह प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
वरुणापार, दशाश्वमेध और कोतवाली जोन में चलाए गए अभियान के दौरान संबंधित क्षेत्रों में अफरातफरी मची रही।
कोतवाली में तहसीलदार अविनाश कुमार के नेतृत्व में अभियान के दौरान कालभैरव इलाके में गंदगी और अतिक्रमण करने वाले 10 लोगों का चालान किया गया। साथ ही, नगर निगम अधिनियम के तहत 1100 रुपये शुल्क वसूला गया।
इसी तरह दशाश्वमेध जोन में जोनल अधिकारी अरविंद यादव के नेतृत्व में गंदगी फैलाने वालों से 8150 रुपये जुर्माना वसूला गया। आठ लोगों का चालान हुआ। वरुणापार के जोनल अधिकारी महातम यादव की देखरेख में चले अभियान के दौरान जगह-जगह अतिक्रमण हटवाए गए। सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लोगों के सुझाव भी लिए गए।