फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वच्छता अभियान को ठेंगा : 13 घाटों से गंगा में जा रहा मठ-मंदिर, आश्रम, होटलों का सीवेज; कई जगह चेंबर टूटे

Tue, 05 Nov 2024 09:29 AM IST
अमन विश्वकर्मा गुंजन श्रीवास्तव, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News : छठ को लेकर प्रमुख घाटों पर सफाई की कवायद चल रही है। दूसरी तरफ, कई घाटों पर सीवर का पानी बह रहा है। इसी पानी से होकर छठ का व्रत रखीं महिलाओं को जाना पड़ेगा। यह आस्थावानों के लिए बड़ा सवाल है। संबंधित विभाग भी तब जागे जब घाटों की बदहाल हालत को अमर उजाला ने बयां किया। दुर्दशा कब सुधरेगी इसका जवाब तो जिम्मेदार अधिकारियों के पास ही है।
विज्ञापन
सीवर के गिर रहे पानी से होकर जाते लोग। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भगवान सूर्य की उपासना काशी में आदि काल से चली आ रही है। यहां लोग गंगा में स्नान के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर डाला छठ का व्रत पूर्ण करते हैं। इस समय स्नान का माह कार्तिक भी चल रहा है। गंगा घाटों पर भक्तों के पांव सीवेज पखारेंगे। इन दिनों गंगा में घाट से होकर आश्रमों, होटलों, रेस्टोरेंट का सीवेज बह रहा है। इसे अब तक रोका नहीं गया है। इस दुर्गति और दुर्दशा के जिम्मेदारों की नींद अब जाकर टूटी है। देखना है समस्या का समाधान हो पाएगा या नहीं।

विज्ञापन




जानकारों के अनुसार, गंगा घाटों पर कई जगहों पर चेंबर और पाइप लाइनें टूट चुकी हैं। इसकी वजह से सीवर ओवरफ्लो होकर गंगा में जा रहा है। विश्वनाथ मंदिर के गंगा द्वार के समीप मणिकर्णिका समेत 13 घाटों से गंगा में सीवर जा रहा है। गंगा में सीवेज रोकने के लिए घाटों पर सीवर लाइन बिछाई गई है। जो जगह-जगह से लीक और ओवरफ्लो होकर गंगा में जा रहा है। 13 घाटों पर सीवर खुला हुआ है। मानमंदिर घाट पर सीवेज बह रहा है। ललिता घाट पर बहते सीवेज से होकर भक्त गुजर रहे हैं। संकठा घाट पर सीवेज बह रहा है।

विज्ञापन

सीवर के गिर रहे पानी से होकर जातीं महिलाएं।। - फोटो : अमर उजाला
इन घाटों पर ज्यादा दिक्कत
त्रिपुरा भैरवी, ललिता घाट, चेतसिंह, निषादराज, नगवां, सिंधिया घाट, संकठा घाट, रामघाट पर चैंबर से ओवरफ्लो होकर सीवेज बह रहा है। इन 84  घाटों पर कई आश्रम हैं। 

इनमें प्रमुख रूप से देवरहा बाबा आश्रम, रामजानकी मठ, श्री विद्यामठ, स्यादवाद महाविद्यालय, पंचदशनाम जूना अखाड़ा, तुलसीघाट, लाली बाबा आश्रम, सतुआ बाबा आश्रम, श्रीमठ, बालाजी मंदिर हैं। इनके अलावा करीब 35 से अधिक होटल, गेस्ट हाउस, स्टे होम, रेस्टोरेंट घाट किनारे हैं। जिनका सीवर घाट पर बिछाई गई सीवर लाइन से कनेक्ट है। ये लाइनें क्षतिग्रस्त होने से इनका सीवर पाइप लाइन से बहकर घाटों से होकर गंगा में जा रहा है। 

गंगा सफाई अभियान के बाद भी नहीं सुधरे हालात : गंगा सफाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। 8 एसटीपी भी गंगा में गिर रहे सीवर को पूरी तरह से रोकने में नाकाम है। हालात ये हैं कि वाराणसी में 432 एमएलडी सीवरेज को भले ही शोधित करके गंगा में भेजा जा रहा है। जबकि 532 एमएलडी सीवर निकल रहा है। अब भी 100 एमएलडी सीवर सीधे गंगा में जा रहा है।  

सीवर के गिर रहे पानी से होकर जाते लोग। - फोटो : अमर उजाला
अस्सी और वरुणा से भी जा रहा सीवर 
अस्सी और वरुणा से भी सीवर जा रहा है। जल निगम के अनुसार गंगा में नालों के जरिये जो सीवर जा रहा है वह टेंपरेरी ट्रीटमेंट सिस्टम के जरिये जा रहा है। इसके अलावा पंपिंग स्टेशनों पर बाईपास के लिए बनी पाइपों से जो पानी गिर रहा है वह बारिश के समय गिरता है। जल निगम उसे नाले का सीवर नहीं बल्कि बारिश का पानी मानता है।

बोले अधिकारी
बाढ़ के दौरान पांच पंपिंग स्टेशन बंद थे। बाढ़ का पानी उतरने के बाद पाइप लाइन और पंपिंग स्टेशन में सिल्ट जमा है। जिसे हटाने का काम जारी है। आज रात तक सभी पंप चालू हो जाएंगे। इससे गंगा में सीवर नहीं जाएगा। इसके लिए नौ टीमें लगाकर गंगा घाटों पर सीवर की समस्या दूर कराई जा रही है। छठ पूजा वाले दिन किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी। - कमल कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम
विज्ञापन

घाट पर अभी तक नहीं हटी मिट्टी की शिल्ट, चल रहा काम। - फोटो : अमर उजाला
इसे भी देखें
एसटीपी शोधन क्षमता 
दीनापुर 140 एमएलडी
गोइठहां  120 एमएलडी
दीनापुर 80 एमएलडी
रमना 50 एमएलडी
बीएलडब्ल्यू 12 एमएलडी
रामनगर 10 एमएलडी
भगवानपुर 10 एमएलडी
बीएचयू 10 एमएलडी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें