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एक क्लिक में पूर्वांचल की खास खबरें: सोनभद्र में 6000 बच्चे कुपोषित, धोखाधड़ी मामले में सात के खिलाफ मुकदमा

Mon, 04 Nov 2024 05:17 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News : पूर्वांचल में पहली खबर सोनभद्र की है। इस जिले में कुल 6000 बच्चे कुपोषित हैं। वहीं, दूसरा मामला बलिया का है। यहां बांसडीह कोतवाली में धोखाधड़ी मामले को लेकर सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आइए जानते हैं अन्य खबरें...
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पूर्वांचल की प्रमुख खबरें। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कुपोषण के खात्मे के लिए सरकार भले ही गंभीर हो, मगर जिले में अफसर बेपरवाह हैं। जिले में कुल 6000 से अधिक कुपोषित बच्चे हैं। फिर भी हाल यह है कि जिला अस्पताल और दो सीएचसी पर बने पोषण पुनर्वास केंद्रों के बेड खाली मिले। 

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अति कुपोषित बच्चों की बड़ी तादाद होने के बाद भी उन्हें इस केंद्र में रखने में लापरवाही समझ से परे है। प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे जनपद सोनभद्र में जिम्मेदारों की लापरवाही से कुपोषण मिटाने के अभियान को झटका लग रहा है।

नीति आयोग ने सोनभद्र को जिन मानकों के आधार पर अति पिछड़े के रूप में चिह्नित किया है, उसमें कुपोषण भी मुख्य है। गरीबी और जागरूकता के अभाव में सही खान-पान न होने से बच्चे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं। इसकी संख्या साल दर साल बढ़ रही है। 
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बाल विकास विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में छह हजार से अधिक बच्चे अति कुपोषित श्रेणी में हैं। इसमें भी गंभीर तीव्र कुपोषण श्रेणी में शामिल बच्चों की संख्या 700 के पार है। 

शासन का निर्देश है कि अति कुपोषित और गंभीर तीव्र कुपोषण श्रेणी में शामिल बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में 14 दिनों तक रखकर उनके बेहतर खान-पान की व्यवस्था करते हुए स्वास्थ्य की निगरानी की जाए। 

जिला अस्पताल और म्योरपुर व दुद्धी सीएचसी में स्थित एनआरसी की क्षमता में वृद्धि भी हुई है। बावजूद इसके कुपोषण से जूझते बच्चों को यहां जगह नहीं मिल पा रही है। रविवार को जिला अस्पताल के एनआरसी के सभी बेड खाली मिले। 

धोखाधड़ी में सात पर मुकदमा दर्ज
राजस्थान की एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी ने फिक्स डिपाजिट और एक स्कीम के नाम पर पंद्रह लोगों के 55.33 लाख रुपये ठग लिए। बांसडीह कोतवाली पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर सहित सात पर केस दर्ज किया है। 

मामले में बांसडीह (उत्तर तोला) निवासी अखिलेश प्रसाद ने एसपी को प्रार्थना दिया है। आरोप लगाया है कि डुवेल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड में गाजीपुर जिले के कोडरा पदुमपुर, जखनिया निवासी एजेंट नागेंद्र यादव के माध्यम से फिक्स डिपाजिट स्कीम के तहत कई लोगों ने धन का निवेश किया था। यह कंपनी 2015 से काम कर रही है।

मेच्योरिटी के बाद एजेंट नागेंद्र यादव ने कंपनी से चेक जारी करवा दिए। लेकिन चेक जब बैंक में जमा कराए गए तो बाउंस हो गए। उनके अलावा और कई व्यक्तियों के चेक बाउंस हुए हैं। साथ ही कंपनी द्वारा शाॅपिंग वेबसाइट के माध्यम से दोबारा नई स्कीम में ऑनलाइन रुपये लेकर सामान नहीं भेजा गया। 

पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार का इनामी घायल
कोपागंज थाना क्षेत्र के सरवां गांव के पास रविवार की भोर में करीब 4:30 बजे पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार के इनामी बदमाश के बाएं पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश को पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक महेश सिंह अत्री ने बताया कि रविवार की भोर में कोपागंज और दक्षिण टोला पुलिस ने सीओ घोसी दिनेश दत्त मिश्र के नेतृत्व में कोपागंज से भातकोल मार्ग पर घेरेबंदी की।

पुलिस के मुताबिक, बदमाश किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में था। बदमाश की लोकेशन मिलने पर उसे सरेंडर करने की चेतावनी दी गई। लेकिन वह भागने लगा और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लग गई। उसकी आजमगढ़ के ब्रह्मस्थान के वार्ड नंबर 18 निवासी दीपक उर्फ देवदत्त गौड़ (29) के रूप में हुई। 

एएसपी महेश सिंह अत्री ने बताया कि बदमाश ने बताया कि वह और उसके साथी नितेश व सत्येंद्र ने 10 अक्तूबर को थाना कोपागंज के डाडी चट्टी में देसी शराब की दुकान से चोरी की थी। 26 अक्तूबर को गाजीपुर के सलामतपुर चट्टी में देसी शराब की दुकान में लूट की थी। 18 अक्तूबर को कोइरियापार थाना मुहम्मदाबाद और ग्राम बबुरा थाना जहानागंज आजमगढ़ में देसी शराब की दुकान से चोरी की थी। कोपागंज की उसके सहयोगी नितेश निवासी खुरहट थाना रानीपुर को गिरफ्तार किया था। 

जनता देख रही है कांग्रेस का कर्नाटक मॉडल : डॉ. महेंद्रनाथ 
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि जनता कांग्रेस के घोटाले का कर्नाटक मॉडल देख रही है। पूर्व मंत्री ने कर्नाटक में किसानों की जमीन वक्फ बोर्ड के नाम करने के सवाल पर कांग्रेस पर निशाना साधा। कहा कि कर्नाटक में तो मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के ही नाम जमीन कर देता है। वह रविवार को वाराणसी स्थित कैंप कार्यालय पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। 

डॉ. महेंद्रनाथ ने कहा कि 2004 से 2014 तक कांग्रेस की सरकार घोटाले के लिए जानी जाती है। कर्नाटक में वक्फ बोर्ड का नया घोटाला सामने आया है, लेकिन मोदी युग में यह नहीं चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से कहा था कि हम किसी भी भ्रष्टाचारी को छोड़ेंगे नहीं।

वक्फ बोर्ड के लिए संसद की जाॅइंट कमेटी से रिपोर्ट देने को कहा गया है ताकि वक्फ बोर्ड लूट खसोट के बजाय जनहित की संस्था बन सके। उन्होंने अखिलेश यादव के 27 के सत्ताधीश वाली पोस्ट पर चुटकी लेते हुए कहा कि 37 सीट मिलने के गुमान में सपाई गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। यह जनता देख रही है। 2027 में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी। 
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज। - फोटो : वीडियो ग्रैब
वेद का तात्पर्य ज्ञानग्रंथ से है : अविमुक्तेश्वरानंद
भदोही के सेमराधनाथ धाम के पास स्थित पुरवा, इब्राहिमपुर के अंजोरा धाम में रविवार को ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वारनंद ने जिले के पहले जगद्गुरुकुलम् का शुभारंभ किया। शाम को करीब सात बजे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अजारोधाम पहुंचने पर बटुकों ने सस्वर वेद मंत्रों का उच्चारण किया। इसके बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वारनंद ने अंजोरा धाम में विधिवत पूजा अर्चना की।

सूर्यास्त होने के चलते स्वामी जी मौन मुद्रा में बैठे रहे आैर पत्र के जरिये संदेश दिया। शिष्यों ने उनका पत्र पढ़ा। पत्र में उन्होंने लिखा कि आदिशंकराचार्य ने अपने साधन पंचक नामक स्त्रोत में प्रतिदिन अध्ययन करने की प्रेरणा दी है। वेद का तात्पर्य ज्ञान ग्रंथ से है। हमें प्रतिदिन अपने ज्ञान की वृद्धि करते रहना चाहिए। जगदगुरुकुलम उसी की नींव है। लोगों ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के दर्शन के बाद उनके हाथों से प्रसाद लिया। इसके बाद स्वामी प्रज्ञानंद सरस्वती महाराज ने पूजन किया। 

कहा कि अंजोरा मां की भक्ति से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। हर व्यक्ति को गो माता की रक्षा करनी चाहिए। कहा कि जनपद में पहले गुरुकुल आश्रम का उद्घाटन सौभाग्य की बात है। इस क्षेत्र के बच्चे संस्कृत, संस्कार, ऋषियों के शुद्ध ज्ञान विज्ञान को ग्रहण करेंगे। उन्होंने बच्चों को धर्म व संस्कृति की शिक्षा देने पर जोर दिया। कहा कि जब बच्चे धर्म व संस्कृत से जुड़े रहेंगे तो उनके अंदर संस्कार की भावना जागृत होगी।

संग संस्कृत और संस्कार की शिक्षा जरूरी है। संस्थापक डॉ. परमेश्वरनाथ मिश्रा ने बताया कि आश्रम में ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम के चयनित 24 बटुक वैदिक शिक्षा ग्रहण करने के साथ आधुनिक शिक्षा भी प्राप्त कर सकेंगे। जिले के पहले जगद्गुरुकुलम् में बटुकों को शिक्षित करने वाले आचार्यों के साथ-साथ बटुकों का चयन भी ज्योर्तिमठ बदरिकाश्रम की ओर से किया गया है। 24 बटुकों में अधिकतर जिले के हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, बलिया और मध्यप्रदेश के भी 
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