परिजनों के मुताबिक, आदर्श को तत्काल दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। मरीज के परिजन अक्षय मिश्रा ने बताया कि सांप के काटने के बाद वे घबराए हुए थे। यदि सीएचसी से दीनदयाल अस्पताल ले जाते समय मरीज की हालत बिगड़ जाती या कोई अनहोनी हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती।
अक्षय के अनुसार, आदर्श को लेकर सीएचसी पहुंचने पर वहां तैनात स्टाफ अपने कमरे से बाहर आया और एंटी-वेनम नहीं होने की बात कही। स्टाफ ने अपना नाम सौरभ बताया और मरीज को दीनदयाल अस्पताल ले जाने के लिए कहा।
हालांकि, सीएचसी शिवपुर के प्रभारी डॉ. मनोज दुबे ने अस्पताल में एंटी-वेनम की उपलब्धता से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में एंटी-वेनम डोज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उनका कहना है कि संबंधित कर्मचारी नया है और उसे यह जानकारी नहीं थी कि अस्पताल में एंटी-वेनम उपलब्ध है।