रोजाना जाम की समस्या झेलते बेहाल वाराणसी शहर के वासियों को साल के अंत तक राहत मिल सकती है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट बनाने की योजना को दिसंबर तक परवान चढ़ाने की तैयारी नगर निगम ने की है।
स्मार्ट सिटी के तहत स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के लिए कार्यदायी संस्था शापूरजी पालमा ने शहर के प्रमुख चौराहों का सर्वे पूरा कर लिया है। सड़कों पर जगह-जगह डिवाइडर के कट्स बंद किए जा रहे हैं। कार्यदायी संस्था अब जल्द ही चौराहों को अत्याधुनिक ट्रैफिक सिस्टम से लैस करने का काम शुरू करेगी।
पहले चरण में वाराणसी के 34 चौराहों को सीसीटीवी कैमरों और अत्याधुनिक सिग्नल सिस्टम के जरिए सिटी कमांड कंट्रोल से जोड़ा जाना है। नगर निगम के शहीद उद्यान में सिटी कमांड कंट्रोल का भवन बनकर तैयार है।
चौराहों का काम पूरा होने के बाद यहां मॉनीटरिंग सिस्टम और बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत इस पर 154 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों का कहना है कि चौराहों पर अत्याधुनिक ट्रैफिक सिस्टम के साथ ही सिटी कमांड कंट्रोल तैयार करने में आठ से दस महीने लगेंगे।
नगर आयुक्त/स्मार्ट सिटी के सीईओ डॉ. नितिन बसंल का कहना है कि दिसंबर 2018 तक काम पूरा किया जाना है। ट्रैफिक सिस्टम के स्मार्ट होने के बाद शहर को रोजाना जाम की समस्या नहीं झेलनी होगी।
यातायात निगरानी में आसानी होगी। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर तत्काल कार्रवाई हो सकेगी। आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर भागने वालों की धरपकड़ में भी आसानी होगी।