मॉड्यूलर किचन में परिवर्तित करते हुए बड़े डाइनिंग हाल का निर्माण किया। इसमें एक साथ 80 बच्चे भोजन ग्रहण करते हैं। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की और क्षतिग्रस्त कमरों की मरम्मत कर उन्हें उपयोगी बनाया। इस बावत बीईओ सुरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि इस विद्यालय की तरह कार्य अन्य लोगों के लिए उदाहरण है। ऐसे प्रधानाध्यापकों के प्रयास से प्राथमिक शिक्षा में बेहतर बदलाव आएंगे।