कई जगह पेड़ धराशाई, वैवाहिक आयोजनों के टेंट उखड़े
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वाराणसी में रविवार की शाम अचानक मौसम बदलने से भीषण गर्मी और धूप से लोगों को राहत मिली। लगातार कई दिनों से तपन से लोग बेहाल थे। शाम को धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी होने से मौसम की तल्खी में नरमी आ गई।
देर शाम तेज आंधी के साथ बारिश होने से जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं मड़ाई के लिए खेत-खलिहानों में पड़ी गेहूं की फसल को खासा नुकसान हुआ। ग्रामीण इलाकों में कई जगह पेड़ टूट कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हो गया।
वहीं, वैवाहिक आयोजनों का मजा भी फीका पड़ गया। कई जगह बिजली तारें टूटने से आपूर्ति ठप हो गई। मौसम विज्ञानी का कहना है कि हवा का रुख नहीं बदला तो दो से तीन दिन तक मौसम में ऐसे ही रहने की संभावना है।
रविवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री रहा जबकि न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बीएचयू के मौसम विज्ञान प्रो. एसएन पांडेय का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं चलने से मौसम में बदलाव हुआ है।
जमीन की सतह से एक किमी की ऊंचाई तक पुरवा हवा चलने और उसके ऊपर पछुवा से शुष्क और नम हवाओं के मिलने और लोकल हीटिंग के कारण धूलभरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी हुई है।
उन्होंने बताया कि पूर्वांचल में कहीं-कहीं ओला भी पड़ सकता है। हवा का रुख पछुआ हो गया तो तेज धूप और लू फिर चलेगी। यदि हवा में बदलाव नहीं हुआ तो मौसम में नरमी रहेगी।