महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शोध छात्रों के छह महीने तक किए गए कार्यों का मूल्यांकन होगा। इसमें छह महीने की प्रगति की एक रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। इसके लिए विभागवार शोध सलाहकार समिति की बैठक कराई जाएगी। इसमें शोध पर्यवेक्षक के साथ ही शोध छात्र भी मौजूद रहेंगे।
विश्वविद्यालय के विभागों में शोध कार्य संबंधी मुद्दों पर चर्चा के लिए शोध सलाहकार समिति का गठन किया गया है। इसमें शोध छात्रों को दिए जाने वाले शोध के विषय, उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों पर भी चर्चा की जाती है। इसी महीने समाजशास्त्र विभाग में 23 से 25 मार्च तक समिति की बैठक बुलाई गई है। खास बात यह है कि इसमें विभागीय शिक्षकों के साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से प्रो.अचंला टंडन, गोरखपुर विश्वविद्यालय से प्रो.कीर्ति पांडेय और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ विश्वविद्यालय से प्रोफेसर आलोक कुमार बतौर सदस्य शामिल होंगे। बैठक में सत्र 2021-22 और 2022-23 के शोध छात्रों की छमाही प्रगति पर चर्चा की जाएगी। 2023-24 के शोध छात्रों की शोध शीर्षक पर चर्चा की जाएगी। उधर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय में प्रीपीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षा 12-17 और 23 मार्च को कराने का निर्णय लिया गया है।