सीबीएसई में हिंदी विषय पढ़ने वाले बच्चे अंग्रेजी को अधिक महत्व देते हैं। यही नहीं अभिभावकों के दिमाग में भी यही बात होती है कि उनका बच्चा सीबीएसई स्कूल में पढ़ाई कर रहा तो उसे अंग्रेजी आनी चाहिए। अभिभावकों को यह समझने की जरूरत है कि हिंदी भाषा और व्याकरण का ज्ञान भी बहुत जरूरी है। इनसे भी खराब स्थिति उन शिक्षकों की है जो हिंदी पढ़ाना नहीं चाहते।
भाषा और शब्दों का ज्ञान जरूरी
मातृभाषा के साथ ही हिंदी हम सभी की आम बोलचाल की भाषा है। हिंदी पढ़ना केवल एक विषय नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, अपनी पहचान और अपने लोगों से जुड़ने का एक माध्यम भी है। इसे न पढ़ने से भाषाई और सांस्कृतिक रूप से बच्चे कमजोर हो जाते हैं। जिससे समाज में उनकी छवि भी खराब होती है।