अंतरराष्ट्रीय खेल के नाम पर इन दिनों मनमाने तरीके से खिलाड़ियों का आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। एक ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए दो अलग-अलग राज्यों में चयन का मामला सामने आया है। यह चयन दो अलग-अलग राज्यों में एक साथ एक ही तारीख को होने वाले हैं। ऐसे में जिले खिलाड़ी भ्रम में हैं कि कहां हिस्सा लें न कहां न लें।
सोसायटी एक्ट के तहत पंजीकृत जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव सत्यवर्धन सिंह ने बताया कि चीन में होने वाले एशियन गेम्स में भारतीय ताइक्वांडो टीम के लिए एक चयन प्रतियोगिता 16 से 18 जून को गुजरात में है, जबकि इसी तिथि को एक चयन महाराष्ट्र में है। यूपी ओलंपिक से मान्यता प्राप्त एक अन्य जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव नंदलाल ने बताया कि हम चयन प्रतियोगिता को लेकर भ्रम में हैं। भारतीय ओलंपिक महासंघ से मान्यता न होने के कारण प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेंगे।
ताइक्वांडो के प्रशिक्षक उमेश केशरी का कहना है देश में तीन-चार संघ संचालित हैं सभी अपने अपने हिसाब प्रतियोगिता और खिलाड़ियों का चयन कर मोटी रकम वसूल रहे हैं। ब्लैक बेल्ट और सुविधा शुल्क आदि के नाम पर मनमाना फीस ली जा रही है। कोई एक वैध संघ न होने से होनहार खिलाड़ियों का आर्थिक और मानसिक शोषण को रहा है।
एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए एक साथ दो राज्यों में चयन प्रतियोगिता होने वाली है। कहां जाएं, कहां नहीं इसको लेकर असमंजस है। - अभय कुमार
मुश्किल से घर से बाहर खेलने का मौका मिलता है। सही मंच पर प्रतिभा दिखाने से चूक गए तो समय और पैसे का बड़ा नुकसान हो जाता है। - साक्षी पटेल