हरहुआ से संदहा तक बन रही रिंग रोड के काम में शनिवार को बड़ी रुकावट आ गई। नए सर्किल रेट से मुआवजे की मांग को लेकर इलाके के 14 गांवों के किसानों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रोकवा दिया। साथ ही काम में लगे ट्रकों, डंपरों और कर्मचारियों को वहां से भगा दिया। इसके बाद आजमगढ़ रोड पर बावनबीघा के पास धरने देकर अपनी आवाज बुलंद की। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई लेकिन किसान इस जिद पर अड़े रहे कि पहले मुआवजा दिया जाए, तब काम आगे बढ़ने देंगे।
बावनबीघा के अलावा गोला, हरबल्लमपुर, हरिहरपुर, कौआपुर, महमदपुर और फरीदपुर में किसान सुबह अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए और रिंग रोड़ का काम रोकवा दिया। हरहुआ से संदहा तक 16 किमी से अधिक रिंग रोड का निर्माण 261 करोड़ रुपये की लागत से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) करा रहा है। सड़क बनाने की जिम्मेदारी लखनऊ की एपको इंफ्राटेक कंपनी को दी गई है।
इसमें 28 गांवों के किसानों की जमीन गई है। जमीन का अधिग्रहण 2005 में हो चुका है लेकिन अब किसान नए सर्किल रेट से मुआवजा मांग रहे हैं। अपनी इसी मांग को लेकर काफी संख्या में महिलाओं के साथ किसान निर्माण कार्य बंद कराते हुए बावनबीघा पर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी समझाया लेकिन अपनी जिद पर अड़े रहे। विरोध प्रदर्शन में नित्यानंद पांडेय, महेंद्र प्रसाद एडवोकेट, अरुण पटेल, गोवर्धन, रामनिहोर, इंदू, मीना कौशिल्या, बदामा, शांति, सुशीला, मीरा, रज्जो देवी, राजाराम पटेल, प्रभुनारायण पटेल, पन्नालाल यादव, राकेश पटेल, काशीनाथ यादव, सुरेंद्र पटेल, जयराम गुप्ता और रामबली पटेल आदि शामिल रहे।