उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार शाम प्रतिबंधित पासपोर्ट से संयुक्त अरब अमीरात के शहर शारजाह जाने का मामला सामने आया है। जिसमें सिमी के एक सदस्य को हिरासत में ले लिया गया है।
प्रतिबंधित पासपोर्ट से शारजाह जाने का प्रयास कर रहे आजमगढ़ के एक युवक को लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बाबतपुर पर यात्रा से रोक दिया गया। पासपोर्ट पर लुक आउट कॉर्नर (एलओसी) नोटिस के कारण यह कार्रवाई की गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने आजमगढ़ पुलिस को सूचना देने के साथ ही सीआईएसएफ को सौंप दिया है। आजमगढ़ पुलिस ने यहां पहुंच कर पूछताछ की है।
आजमगढ़ के निजामाबाद थाना प्रभारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि वाराणसी में आईबी की हिरासत रखे गए फैज को पुलिस टीम देर रात अपने साथ ले आई। पूछताछ में फैज ने बताया कि वह सऊदी अरब के शारजाह शहर में कपड़ा सिलाई का काम करता है। उसके अन्य भाई भी वहीं पर हैं।
थाना प्रभारी की तहरीर पर उसके विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों से लाभ लेने, अवैधानिक क्रियाकलाप निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर सोमवार को उसका चालान कर दिया गया।
अदालत के आदेश पर मो. फैज को जेल भेज दिया गया। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक विवेचना के दौरान मो. फैज के साथ जिन-जिन लोगों की संलिप्तता पाई जाएगी मुकदमे में उन आरोपियों के नाम बढ़ाते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर निवासी फैज पुत्र इसरार अहमद को जिला पुलिस ने 2001 में स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के जरिए राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण पासपोर्ट पर एलओसी नोटिस और उसके देश से बाहर जाने को प्रतिबंधित कर दिया था।
2016 को खुदादादपुर में दो वर्गों में सांप्रदायिक तनाव भी हुआ था। रविवार दोपहर बाद साढ़े चार बजे फैज एयर इंडिया के विमान से शारजाह जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा। इमिग्रेशन अधिकारी ने उसके पासपोर्ट को स्कैन किया। उसमें उसका पूरा ब्योरा आ गया।
इमिग्रेशन इंचार्ज कुंदन ने बताया कि फैज के विरुद्ध आजमगढ़ में मुकदमा भी पंजीकृत था। उसके विदेश जाने पर भी रोक थी। जानकारी होने पर हमने उसे विदेश जाने से रोक दिया।