दिल्ली पुलिस ने यूपी के आजमगढ़ के रहने वाले 15 लाख रुपये के इनामी आतंकी आरिज उर्फ जुनैद जुनैद को गिरफ्तार कर लिया है। आरिज को भारत-नेपाल वार्डर से गिरफ्तार करने के बाद यूपी का आजमगढ़ जिला पुन: सुर्खियों में आ गया। इंडियन मुजाहिद्दीन का सक्रिय सदस्य आरिज दिल्ली में हुए बटला एनकाउंटर और लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों में हुए सिलसिलेवार बम धमाका के मामले में फरार था।
उसकी गिरफ्तारी के बाद आजमगढ़ स्थित गांव से लेकर शहर तक उसके सभी परिचितों ने खामोशी अख्तियार कर ली है। बिलरियागंज थाने की पुलिस उसके घर पहुंची। उसके पैतृक आवास में ताला बंद मिला। ऐसे में पुलिस ने पड़ोसी से बातचीत कर उसका डाटा तैयार किया। नसीरपुर गांव निवासी 15 लाख रुपये के इनामी आरिज के विषय में सब आपस में तो चर्चा कर रहे हैं, पर पूछने पर कोई बोलने को तैयार नहीं है।
आरिज के पिता जफरे आलम की वर्ष 2009 में मौत हो गई। नसीरपुर गांव सहित आसपास के क्षेत्र में आरिज का परिवार सम्मानित परिवार रहा है। उसके एक चाचा बदरे आलम आईएएस रह चुके हैं। जबकि दूसरे चाचा डा. फकरे आलम परिवार सहित आजमगढ़ के बाजबहादुर कोट किला मुहल्ले में रहते हैं और गांव में अपनी डिस्पेंसरी चलाते हैं। इन्हीं की डिस्पेंसरी पर आरिज का छोटा भाई साबिज रहकर काम करता है।
जबकि उसका दूसरे नंबर का भाई शारिक दिल्ली में रहकर प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। तीन भाईयों में सबसे बड़ा आरिज इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान वह अपने कुछ मित्रों के साथ देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो गया। हालांकि उसके नाम का खुलासा सितंबर 2008 में दिल्ली में हुए बटला एनकाउंटर की घटना के बाद हुई जांच में उजागर हुआ।
दिल्ली पुलिस का दावा है कि आरिज इंस्पेक्टर मोहनचंद शर्मा सहित अन्य पुलिसवालों पर फायर कर फरार हो गया था। आरिज का नाम उजागर होने पर दिल्ली पुलिस समेत देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में जुट गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। गिरफ्तारी न होने पर एनआईए और दिल्ली पुलिस की तरफ से उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
वहीं आरिज की गिरफ्तारी के विषय में उसके नाते रिश्तेदारों तक को जानकारी हो गई थी, लेकिन कोई इस विषय में बोलने को तैयार नहीं हुआ। नसीरपुर गांव के प्रधानपति अबू सालिब ने बताया कि आरिज का परिवार सम्मानित रहा है। इन लोगों पर थाने में एक भी मुकदमा नहीं दर्ज है। ऐसे में आरिज के ऊपर कहां से इतना बड़ा इल्जाम लग गया। यह समझ में नहीं आ रहा।