शहर में प्रवेश मार्ग से लेकर बाबा के धाम तक यह संकेतक बोर्ड स्थापित होंगे। इसमें शिव के धाम की पौराणिकता से लेकर दर्शन पूजन तक की विस्तृत जानकारी भी होगी। बता दें कि श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए संपूर्ण भारत के राज्यों से शिवभक्त आते हैं। इसमें सबसे अधिक संख्या दक्षिण भारतीय, मराठी, गुजराती भाषी श्रद्धालुओं की होती है। प्रधानमंत्री ने देर रात गोदौलिया क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान जगह-जगह लगे संकेतकों को देखकर श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुसार उनकी भाषा में संकेतक लगाने के निर्देश दिए हैं।
धाम से हुई संस्कृत में लोकार्पण शिलापट्ट की शुरूआत
अखिल भारतीय संत समिति और श्री काशी विद्वत परिषद की पहल पर देश भर में होने वाले लोकार्पण समारोह के लिए लगने वाले शिलापट्ट पर अब संस्कृत भाषा में भी जानकारियां अंकित की जा रही हैं। इसकी शुरूआत श्री काशी विश्वनाथ धाम से पीएम ने कर दी है। इसके साथ ही अब देश भर में होने वाले शिलान्यास और लोकार्पण के शिलापट्ट पर संस्कृत में जानकारियां दर्ज होंगी।