किराना कारोबारी प्रतीक गुप्ता बताते हैं कि ईंधन की कीमत बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे खाद्यान्न, तेल, मसालों और रसोई के अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में 10 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई पेट्रोल पंपों पर दिनभर ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक होती रही। बढ़े हुए दामों को लेकर लोग नाराज दिखे।
वहीं, संभावित संकट की आशंका में कई लोग अपनी गाड़ियों की टंकी फुल कराते नजर आए। सुंदरपुर स्थित एक पेट्रोल पंप पर बृहस्पतिवार को केवल स्पीड पेट्रोल दिए जाने की चर्चा रही, लेकिन शुक्रवार को सामान्य पेट्रोल की आपूर्ति शुरू हो गई।
सिंधौरा के बरवा किसान सेवा केंद्र पर सुबह डीजल टैंकर देर से पहुंचने के कारण ग्रामीणों को कुछ समय तक परेशानी झेलनी पड़ी। मिर्जामुराद क्षेत्र के तमाचाबाद स्थित जियो पेट्रोल पंप पर बाइक चालकों को केवल 200 रुपये तक का पेट्रोल दिया गया, जबकि कारों और अन्य चार पहिया वाहनों के लिए आपूर्ति सामान्य रखी गई। इसी प्रकार रामनगर क्षेत्र में बाइक में 150 रुपये और कारों में 1000 रुपये तक का ही पेट्रोल दिया गया।
सीएनजी स्टेशनों पर भी उमड़ी भीड़
सीएनजी की कीमत बढ़ने के बाद शहर के सीएनजी स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं। लोग आशंका के चलते गाड़ियों के टैंक फुल कराते दिखाई दिए। परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि जल्द हालात सामान्य नहीं हुए तो किराया बढ़ाना मजबूरी बन जाएगा।
पंपों पर पेट्रोल सीमित मात्रा में दिया जा रहा है। कहीं बाइक में 150 रुपये का तेल मिल रहा है तो कहीं 200 रुपये का। दफ्तर जाने वाले लोगों के लिए यह मानसिक प्रताड़ना जैसा है। - रुचि शाह, एनजीओ कर्मचारी
पेट्रोल-डीजल के दाम एक साथ तीन रुपये बढ़ा देना आम आदमी की कमर तोड़ने जैसा है। दफ्तर जाने से लेकर बच्चों को स्कूल छोड़ने तक हर चीज अब महंगी हो जाएगी। समझ नहीं आता कि मध्यमवर्गीय परिवार अपना बजट कैसे संभालें, क्योंकि सैलरी तो नहीं बढ़ रही, लेकिन तेल के दाम रॉकेट की तरह ऊपर जा रहे हैं। - रविंद्र नाथ सोनी, निजी कर्मचारी
डीजल और सीएनजी की बढ़ी कीमतों ने हमारे सामने अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है। माल ढुलाई की लागत अचानक बढ़ गई है। यदि हम किराया नहीं बढ़ाएंगे तो गाड़ियां खड़ी करनी पड़ेंगी और अगर बढ़ाते हैं तो बाजार में हर चीज महंगी हो जाएगी। - गोपाल सिंह, ऑटो चालक
जब भी पेट्रोल-डीजल महंगा होता है, उसका सीधा असर मेरी रसोई पर पड़ता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से मंडी में सब्जियां और राशन के दाम बढ़ना तय हैं। प्रधानमंत्री कम उपयोग की अपील कर रहे हैं, लेकिन क्या घर का जरूरी सामान और राशन लाना भी बंद कर दें? महंगाई ने जीना मुहाल कर दिया है। - शिवाली सेठ, गृहिणी