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UP: आंख खुले तो सबसे पहले दर्शन मैया तेरा हो..., शीतला के दरबार में सुरों की सरिता; सांसद मनोज ने बांधा समां

Thu, 02 Apr 2026 05:49 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी के अतिप्राचीन घाट दशाश्वमेध पर सांसद मनोज तिवारी के भजन पर श्रद्धालु झूमते नजर आएं। शाम से ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होती रही। कलाकारों ने समां बांध दिया था।
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सुप्रसिद्ध गायक व सांसद मनोज तिवारी ने दी प्रस्तुति। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: दशाश्वमेध घाट स्थित सिद्धपीठ श्री बड़ी शीतला माता माई धाम में बुधवार की शाम सुरों के नाम रही। पांच दिवसीय संगीत समारोह की द्वितीय निशा भजनों के माध्यम से शक्ति की भक्ति और कलाकारों की अटूट आस्था का महापर्व बन गई। माता शीतला के शृंगार और आरती के साथ शुरू हुई सांस्कृतिक सभा में घंट, घड़ियाल और भजनों की गूंज से माहौल आध्यात्मिक हो उठा।

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दूसरी निशा में मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध गायक व सांसद मनोज तिवारी के भजन रहे। मनोज तिवारी ने मंच संभालते ही चैती और पचरा गीतों की झड़ी लगा दी। आंख खुले तो सबसे पहले दर्शन मैया तेरा हो... और राम जी के भईले जनमवा... जैसे गीतों पर श्रद्धालु झूम उठे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि काशी के इसी मंच ने उन्हें पहचान दी है। हम दुनिया में कहीं भी रहें, मुंडेश्वरी भवानी और बनारस की शीतला मैया के दरबार में हाजिरी लगाने दौड़े चले आते हैं। उनके लोकप्रिय गीत हां हम सनातनी हैं जी... ने कार्यक्रम को ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

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दर्शकों ने बढ़ाया उत्साह

शीतला संगीत महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुति देते कलाकार। - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले उत्सव का शुभारंभ माता के अलौकिक पूजन से हुआ। महंत पं. शिव प्रसाद पांडेय और पं. पुरुषोत्तम पांडेय के सान्निध्य में माता शीतला को पंचामृत स्नान कराकर नूतन वस्त्रों व आभूषणों से सजाया गया। पं. अविनाश पांडेय ने माता की महाआरती की। भाजपा संस्कृति प्रकोष्ठ के संयोजक कन्हैया दुबे केडी के कुशल संयोजन में कलाकारों ने अपनी भावांजलि अर्पित की। 

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत आकाशवाणी के पूर्व निदेशक राजेश गौतम के बांसुरी वादन से हुई। राग सरस्वती की मधुर ध्वनियों और शिव कैलासों के वासी... की धुन ने श्रोताओं को अंतर्मुखी कर दिया। इसके बाद बनारस घराने की नृत्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पं. रविशंकर मिश्र और डॉ. ममता टंडन ने कथक से सबका मन मोह लिया। 

जयंती मंगला काली और नागेंद्रहाराय की प्रस्तुति के दौरान उनके पैरों की थाप और भाव-भंगिमाओं ने साक्षात शिव-शक्ति का अहसास कराया। बाल कलाकार यथार्थ दुबे ने महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र सुनाया। इसकी सराहना स्वयं भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने की। देर रात तक चली इस द्वितीय निशा में पवन परदेसी, करिश्मा पांडेय और सर्वेश लाल यादव जैसे अनेक कलाकारों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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आज ये कलाकार देंगे प्रस्तुति: महोत्सव की तृतीय निशा बृहस्पतिवार को दिलीप शंकर की शहनाई, मांडवी सिंह और अदिति शर्मा का कथक नृत्य, तथा लोक गायिका ज्योति माही व अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी।
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