कलह सुलझाने के लिए शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के दो दिन की मोहलत लेकर लखनऊ लौटने के चौबीस घंटे बाद श्याम देव राय चौधरी दादा के तेवर और तल्ख हो गए हैं। ‘अमर उजाला’ से फोन पर उन्होंने जहां टिकट कटने के पीछे एक माफिया के अलावा संघ के प्रभावशाली प्रचारक का नाम लिया।
शहर दक्षिणी सीट से सात बार विधायक रहे दादा का कहना है कि जनता उनके साथ है, इसलिए उन्होंने जनता के बीच रहने का फैसला किया है। इसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनको रास्ते से हटाने के लिए देवरिया से लेकर बनारस तक षड्यंत्र किया गया। आरोप लगाया कि इसके पीछे पूर्वांचल के एक बड़े माफिया का भी हाथ है और संघ के प्रचारक का भी।
शीर्ष नेतृत्व को अंधेरे में रखकर उनकी राजनीतिक हत्या कराई गई। दादा ने कहा कि उन्हें मालूम है कि इस मामले में अब कुछ होना नहीं है लेकिन वह जनता का साथ नहीं छोड़ सकते। इस बीच शनिवार को कांग्रेस के कुछ नेताओं ने दादा से उनके घर पर जाकर एक बार फिर मुलाकात की।