क्लीनिकल प्रैक्टिस को आगे बढ़ाना होगा, रोगी की देखभाल अहम
आईएमएस बीएचयू के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में सतत चिकित्सा/ दंत शिक्षा में वक्ताओं ने मरीजों के देखभाल और इलाज की सुविधाओं पर चर्चा की। बतौर मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने रोगी देखभाल की भूमिका को अहम बताते हुए क्लीनिकल प्रैक्टिस को आगे बढ़ानेका आह्वान संकाय सदस्यों से किया। ट्रॉमा सेंटर कैंपस में दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में कुलपति ने कहा कि आधुनिक प्रैक्टिस के अनुरूप बने रहने और पेशेवर नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए नियमित सीएमई जरूरी है।
विशिष्ट अतिथि इंडियन ऑर्थोडॉन्टिक्स सोसाइटी की अध्यक्ष प्रो. श्रीदेवी पद्मनाभर ने कहा कि विशेषज्ञताओं के समन्वय से रोगियों के जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बना सकते हैं। निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने उभरते अवसरों और संस्थान की सुदृढ़ प्रगति की चर्चा की। वरिष्ठ प्रोफेसर टीपी चतुर्वेदी ने विभाग की शैक्षणिक प्रगति के बारे में बताया। फेलोशिप कार्यक्रमों की शुरुआत और राष्ट्रीय स्तर पर नियमित शैक्षणिक कार्यक्रमों की भी जानकारी दी।