विंध्याचल माता मंदिर, मिर्जापुर
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तो 50 फीसदी रह जाएगी संख्या
विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी कहते हैं, इस फैसले पर विचार करना चाहिए। ऐसे तो बड़ी संख्या में लोग मतदान से वंचित हो जाएंगे। मामले में डीएम से मुलाकात की जाएगी। विंध्य पंडा समाज के 1200 से ज्यादा तीर्थ पुरोहित पहचान पत्र पाने का अधिकार मानते हैं। अगर प्रशासन अपने फैसले पर टिका रहा तो संख्या घटकर पचास फीसदी के आसपास हो जाएगी।
बदलाव का ये दावा
- 75 साल से विंध्य पंडा समाज का दबदबा है। इस बीच दर्शनार्थियों से विवाद, मारपीट के मामले सामने आए।मंदिर की छवि न बिगड़े और बेहतर सुविधा मिले, इसलिए प्रशासन चुनाव को साफ-सुथरे तरीके से कराना चाहता है।
- विंध्य कॉरिडोर बड़ा प्रोजेक्ट है। देश-विदेश से लोग यहां आते हैं। सभी तरह की सुविधा और सुरक्षा लोगों को मिल सके, यही मंशा प्रशासन की है।
- विंध्य कॉरिडोर के फेज वन का काम पूरा कर लिया गया है। अब फेज टू का काम शुरू होना है। इसके तहत विंध्याचल मंदिर के आसपास और जमीन अधिग्रहीत की जानी है। रिंग रोड का निर्माण होना है। प्रशासन चाहता है कि इसमें कोई अड़चन न आए।