अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ यानी 22 जनवरी को काशी में उल्लास का माहौल रहेगा। मंदिरों से लेकर घरों तक दीप जलाए जाएंगे। श्रीराम मंदिरों में शृंगार और प्रभु श्रीराम की झांकी सजाने के साथ ही विविध अनुष्ठान होंगे। भजन-कीर्तन से प्रभु का गुणगान होगा। श्रीकाशी विश्वनाथ, कालभैरव, मां विशालाक्षी, दुर्गा मंदिर में भी दीपदान और पूजन-अर्चन होगा।
हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पौष मास द्वादशी तिथि यानी 12 जनवरी को मनाई गई थी। अब अंग्रेजी तिथि के अनुसार 22 जनवरी को भी उत्सव मनाने की तैयारी है। विश्वनाथ मंदिर में पूजन अर्चन के साथ दीपदान होगा। बाबा कालभैरवका विशेष शृंगार होगा। मां विशालाक्षी मंदिर में भी दीपोत्सव का आयोजन किया गया है।
महंत राजनाथ तिवारी ने बताया कि दिन में मां का शृंगार कर पूजन-अर्चन होगा। शाम को दीपोत्सव होगा। इसी तरह दुर्गा मंदिर, रामजानकी मंदिर अस्सी, हनुमान मंदिर पुष्कर तालाब, श्रीराम मंदिर भैरोनाथ, अकेलवाबीर बाबा मंदिर बीएचयू में भी विविध अनुष्ठान होंगे। बीते साल इसी तिथि पर कज्जाकपुरा, पहड़िया, शिवदासपुर आदि इलाकों में चार मंदिरों में भी भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी।
इन मंदिरों में भी विशेष शृंगार और पूजा होगी। उधर, गिलट बाजार स्थित पत्रकारपुरम् कॉलोनी स्थित संकल्प सिद्धि हनुमान मंदिर में मंगलवार से अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ होगा। बुधवार को श्रीराम पूजन, दर्शन-पूजन व भंडारा होगा।