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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: शिव की नगरी काशी बनेगी वृंदावन, गूंजेंगी बधाइयां; इस्कॉन मंदिर में होंगे विविध अनुष्ठान

Wed, 13 Aug 2025 05:00 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां चल रही हैं। मठ-मंदिरों में जन्माष्टमी के दिन विविध आयोजन होंगे। वैष्णवजन गोपाल मंदिर चौखंभा में सात दिनों तक जन्मोत्सव का उल्लास छाया रहेगा।
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Janmashtami Special - फोटो : instagram
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विस्तार
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Janmashtami 2025: भगवान शिव की नगरी काशी अगले कुछ दिनों तक ब्रजधाम सरीखी दिखेगी। घर से मंदिरों तक कान्हा की बधाइयां गूंजेंगी। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कान्हा के स्वरूप पूजे जाएंगे। शहर के तीन स्थानों पर उत्सवी रंग में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। वैष्णवजन गोपाल मंदिर चौखंभा में सात दिनों तक जन्मोत्सव का उल्लास छाया रहेगा।

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के प्रमुख आयोजन इस्कॉन मंदिर दुर्गाकुंड और हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी महमूरगंज में तीन-तीन दिन और गोपाल मंदिर में आठ दिनों तक चलेंगे। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, मां अन्नपूर्णा मंदिर, मानस मंदिर, दुर्गा मंदिर, धर्मसंघ के मणि मंदिर, राधा माधव मंदिर तुलसी घाट आदि मंदिरों में कान्हा की झांकी सजेगी और बधाई की धुन गूंजेगी। 

बीएचयू के महिला महाविद्यालय के अलावा ब्रोचा, बिरला छात्रावास सहित अन्य छात्रावासों में भी पूजन-अर्चन होगा। काशी विद्यापीठ, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय सहित कॉलेजों और स्कूलों में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा।

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आठ कवियों के पदों का होगा गान 
गोपाल मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी के साथ उत्सव भी शुरू हो गई है। प्रतिदिन बधाई संकीर्तन होगा। अष्टछाप के सूरदास, नंददास सहित आठ कवियों के पदों का गान होगा। कीर्तन मंडली के गान के साथ ही अनुष्ठान होंगे। प्रभु को पंचामृत अभिषेक और विधिवत भोग राज शृंगार होगा। हर वक्त नए रूप में शृंगार होगा।

सिंधी छह दिनों तक मनाएंगे उत्सव
सिंधी समाज की ओर से शंकर सत्संग भवन लक्सा में छह दिनों तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा। प्रतिदिन प्रभु के जन्मोत्सव से छठी तक पूजन-अर्चन आदि अनुष्ठान होते हैं। दो दिन संगीत संध्या का आयोजन होगा। सिंधी कलाकार भजन पेश करेंगे।
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