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पिशाचमोचन कुंड पर त्रिपिंडी श्राद्ध हुआ शुरू

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वाराणसी। पितृपक्ष में पिशाचमोचन कुंड पर दो दिनों से पसरा सन्नाटा शुक्रवार को दूर हो गया। ब्राह्मण संगठनों की मांग और तीर्थ पुरोहितों की रोजी-रोटी पर संकट को देखते हुए राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। इसके साथ ही पिशाच मोचन कुंड पर तृतीया त्रिपिंडी श्राद्ध और गंगा घाटों पर तर्पण आरंभ हो गया।
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शुक्रवार की सुबह से ही त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए श्रद्धालु पिशाचमोचन कुंड पर पहुंचने लगे थे। पिशाचमोचन की गद्दी यजमानों के आने से फिर गुलजार हो उठी। दोपहर में श्राद्ध का सर्वोत्तम समय होने के कारण पिशाचमोचन की सभी गद्दियों पर यजमानों ने अपने पितरों का त्रिपिंडी श्राद्ध किया और उनसे आशीर्वाद लिया। यजमानों के आने से आसपास के दुकानदार भी खुश हो गए। पूजा-पाठ के सामानों की दुकान लगाने वाले दुकानदारों ने भी प्रशासन को धन्यवाद दिया। पिशाचमोचन के तीर्थ पुरोहितों ने भी राज्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत करते हुए राज्यमंत्री और प्रशासन को धन्यवाद दिया। बृहस्पतिवार की रात में राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने जिलाधिकारी से पिशाचमोचन कुंड और गंगा के तट पर श्राद्ध व तर्पण पर चर्चा की। उन्होंने डीएम से सुरक्षा मानकों के साथ श्राद्ध व तर्पण की अनुमति प्रदान करने की बात कही।
यजमानों से अपील, मास्क लगाकर निकलें बाहर
तीर्थ पुरोहित राजेश मिश्रा ने कहा कि कोविड-19 के सुरक्षा मानकों के हिसाब से सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन के साथ त्रिपिंडी श्राद्ध कराया जा रहा है। हम लोग यजमानों से अपील कर रहे हैं कि वह भी सोशल डिस्टेंस का पालन करें और मास्क लगाकर ही बाहर निकलें।
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मंत्री को दिया साधुवाद
केंद्रीय देव दीपावली समिति के अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्र ने कहा कि महासमिति की मांग पर राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा था कि सामाजिक दूरी बनाकर परंपरा का पालन करने पर सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारी से बातचीत कर घाट और कुंड पर श्राद्ध तर्पण शुरू करा दिया है। इसके लिए हम उन्हें सभी तीर्थ पुरोहितों और महासमिति की ओर से साधुवाद देते हैं।
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