इसके बाद ज्ञानपुर से फायर ब्रिगेड के दो वाहन मौके पर भेजे गए, लेकिन भयानक लपटों के आगे थोड़ी ही देर में उनका पानी खत्म हो गया। इसके बाद एनएचएआई और नगर पालिका के टैंकर मंगवाकर पानी फेंकने का काम शुरू हुआ, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद प्रयागराज और मिर्जापुर से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आईं।
दमकल के 10 वाहनों ने चार घंटे की मशक्कत कर दो बजे के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक ऊपर के दोनों तल जल चुके थे। जानकारी मिलने के बाद एडीएम राम सिंह वर्मा, एएसपी डॉ. संजय कुमार, एसडीएम ज्ञानपुर कविता मीना, सीओ कालू सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रशासन और पुलिस के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।
आग कैसे लगी, इसका खुलासा नहीं हो पा रहा था, लेकिन कुछ लोग शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात कह रहे थे तो मौके पर मौजूद टॉवर कंपनी का कर्मचारी मकान मालिक के मधुमक्खी के छत्ते से मधुमक्खियों को भगाने के लिए आग जलाने के कारण चिंगारी से आग लगने की बात बता रहा था। हालांकि पीड़ित परिवार के लोग इस पर कुछ भी बोलने से बचते रहे।