चौक थाना क्षेत्र के बेनिया निवासी मेराज की नई सड़क पर चार मंजिला बिल्डिंग है। भूतल और पहली मंजिल पर रेडिमेड कपड़े की दुकान है। तीसरे-चौथे मंजिल पर एचएम इंटरनेशनल होटल का संचालन किया जा रहा है। रविवार की रात 1.45 बजे अचानक भूतल पर शेरवानी समेत अन्य रेडिमेड कपड़ों की दुकान में आग लग गई। धुआं इतना तेज उठा कि तीसरे-चौथे मंजिल पर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और आंध्र के पर्यटक फंस गए।
आग की लपटें और धुएं से पर्यटकों की सांसें फूलने लगीं। पर्यटकों ने बालकनी में खड़े होकर एक साथ मोबाइल की लाइट जलाई तब जाकर राहत-बचाव कार्य शुरू हो सका। सूचना मिलते ही डायल-112 मौके पर पहुंची और तुरंत फायर ब्रिगेड चेतगंज को सूचना दी गई। अग्निशमन द्वितीय अधिकारी दीपक कुमार सिंह और फायरमैन आलोक कुमार कुशवाहा समेत अन्य लोग पहुंचे और राहत बचाव कार्य में जुट गए।
आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि दूसरी यूनिट ने होटल में फंसे 15 पर्यटकों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला है। 2 अग्निशमन वाहनों और 1 हाइड्रोलिक प्लेटफार्म से एक घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। छानबीन में सामने आया कि भवन में आग से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। भवन स्वामी मेराज का बेटा कपड़े की दुकान संचालित करता है। लक्सा थाना प्रभारी राजू कुमार ने बताया कि आग से झुलसने और धुएं की वजह पर्यटकों की तबीयत बिगड़ गई। पर्यटकों को बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर भिजवाया गया।
नाम होटल, पेइंग गेस्ट हाउस का रजिस्ट्रेशन
फायर ब्रिगेड की छानबीन में सामने आया कि भवन का कमर्शियल उपयोग किया गया। एचएम इंटरनेशनल होटल का नाम दिया गया, लेकिन पेइंग गेस्ट हाउस चलाया जा रहा है। आंध्र, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान के पर्यटकों को तीसरे-चौथे मंजिल पर ठहराया गया था जो नियमों के खिलाफ है।
मामले की जांच करेगी टीम
सीएफओ आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में एक टीम गठित की गई है। इसके साथ ही शहर में संचालित गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट हाउस और ऐसे होटल जिन्होंने नाम में फर्जीवाड़ा किया है। ऐसे प्रतिष्ठानों की सूची तैयार कराकर संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठक होगी।
जिन गलियों में ऑटो, ई-रिक्शा नहीं जा सकते उनमें तन गए होटल-गेस्ट हाउस
काशी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देख गली-मोहल्ले में होम स्टे, गेस्ट हाउस, पेइंग गेस्ट हाउस और होटल खुल गए। वीडीए और पर्यटन विभाग की हीलाहवाली की वजह से मनमानी की जा रही है। मनमाना किराया वसूल कर पर्यटक ठहराए जा रहे हैं। जिन गलियों में ऑटो-ई रिक्शा के प्रवेश की जगह नहीं है उन गलियों में पांच से छह मंजिला होटल, गेस्ट हाउस तन गए हैं।
एक ही रजिस्ट्रेशन पर तीन से चार गेस्ट हाउस और होम स्टे हैं। बिना एनओसी के 500 गेस्ट हाउस और होटल हैं। लंका थाना के प्रफुल्लनगर कॉलोनी, जानकी बाग, गंगा बाग, सामनेघाट और भदैनी, अस्सी, नगवा क्षेत्र में तो नाला किनारे पेइंग के रूप में लग्जरी गेस्ट हाउस हैं। गेस्ट हाउस का नाम मोटे अक्षर और पेइंग एकदम छोटे अक्षर में लिखे हुए हैं। सिगरा के परेडकोठी, चौक, दशाश्वमेध, लक्सा, सोनारपुरा, मैदागिन समेत अन्य क्षेत्रों में पेइंग गेस्ट है। रजिस्ट्रेशन मानक सामान्य, सरल होने के कारण गेस्ट हाउस पर अधिक जोर है। फर्जी आईडी पर ठहराने का मामला भी सामने आ चुका है।
बिना पार्किंग के अधिकतर गेस्ट हाउस और होटल
अस्सी, नगवा, भदैनी, सोनारपुरा, मदनपुरा समेत अन्य कई क्षेत्रों में बिना पार्किंग के होटल, गेस्ट हाउस का संचालन हो रहा है। अस्सी में तुलसी घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर हर दूसरे,तीसरे भवन होम स्टे और पेइंग गेस्ट हाउस में तब्दील है। इन होटलों में आने वाले पर्यटकों की गाड़ियां दिन-रात गली में आवाजाही करती हैं। गंगा बाग में एक ऐसा होम स्टे खुला है जिसका पंजीकरण नहीं है।