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यूपी: जबसे डीएम-एसएसपी बने हैं आम आदमी, दुकानदारों के उड़ गए हैं होश

Wed, 01 Apr 2020 11:07 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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मंगलवार को आम आदमी बनकर बाजार पहुंचे थे डीएम और एसपी। - फोटो : अमर उजाला।
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लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सामानों के मनमाना दाम पर लगाम लगाने को वाराणसी में डीएम-एसएसपी की बाजारों में ग्राहक बनकर की गई कार्रवाई के बाद से दुकानदारों में खौफ है। मंगलवार की सुबह चेतगंज, दलहट्टा, विशेश्वरगंज, गोला दीनानाथ, खोजवां आदि इलाकों में दुकानदारों की ओर से निर्धारित दर पर ही खाद्य सामग्रियों की बिक्री की गई।

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चेतगंज स्थित अरविंद केशरी की किराना दुकान पर पहुंचे कुछ ग्राहकों ने तो मजाकिया बनारसी लहजे में भी कहा कि सही से भाव लगाया नहीं त डीएम साहब आ जइहैं... कुछ इस तरह की हलचल शहर भर के विभिन्न बाजारों में रही। किराना दुकानदारों के साथ ही ठेले, खोमचें पर सब्जी व फल बेचने वालों का भी भाव जमीन पर आ गया है।

22 से 26 रुपये तक आलू, 30 से 32 रुपये किलो प्याज सहित अन्य सब्जियों के दाम में बहुत कमी आई है। पहड़िया इलाके से लेकर भोजूबीर, सिगरा चंदुआ सट्टी और मंडुवाडीह, सुंदरपुर इलाकों में सब्जी व फलों का भाव सामान रहा। आटा और चावल, नमक, रिफाइंड और तेल अन्य खाद्य सामग्रियों के दाम में भी प्रति किलो एक से तीन रुपये का अंतर आ रहा है।

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केस- एक
खोजवां स्थित एक किराना दुकान पर आटा का भाव पूछने गए तो 32 रुपये किलो बताया गया। सरकारी भाव भी 31 से 33 रुपये तक है। दुकानदार ने यह भी कहा कि गलत भाव नहीं ले रहे हैं। बाजार में यही भाव चल रहा है।

केस- दो
चेतगंज स्थित एक किराना की दुकान पर पहुंचने वाले ग्राहकों को आटा, दाल का भाव पूछना अब नहीं पड़ रहा है। दुकानदार सहित कर्मियों की ओर से ग्राहकों  को बताया जा रहा है। सरकारी दर पर ही ग्राहकों को सामान जा रहा है।
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जिस तरह डीएम और एसएसपी साहब निकले हैं, वैसे ही अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को भी पड़ताल करने की जरूरत है। यदि ऐसा हो जाए तो मुनाफाखोरी बिल्कुल बंद हो जाएगी। - रमेश कुमार वर्मा, पिपलानी कटरा

किराना के अलावा ठेले पर बिकने वाली सब्जी और फल की भी अधिकारियों द्वारा पड़ताल की जाए। कहीं-कहीं भाव ठीक है तो बहुत जगहों पर मनमानी की जा रही है। - सुधांशु शर्मा, सिद्धगिरी बाग
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