दोपहर के वक्त निगम की टीम सप्तसागर दवा मंडी में 1.34 लाख के बकाएदार एक मकान (नंबर 18/118ए) पर पहुंची। इस दौरान नगर निगम की टीम मकान में रहने वालों से बकाया वसूली की बात करने के साथ ही उसके नीचे मौजूद दवा की दुकानों को बंद कराने लगे, जिसपर दुकानदार भड़क गए।
उनका कहना था कि वह दुकान का पूरा किराया मकान मालिक को देते हैं। फिर उनकी दुकानें क्यों बंद कराई जा रही हैं? नगर निगम टीम का रुख देख आसपास के दुकानदार और मकान मालिक भी मौके पर पहुंच गए।
हंगामा की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दुकानदारों को शांत कराया। जिसके बाद नगर निगम की टीम वापस लौट गई। इस मामले में इंस्पेक्टर कोतवाली दया शंकर सिंह ने बताया कि गृह कर वसूली को लेकर कुछ देर हंगामा हुआ था, जिसे शांत करा दिया गया।