इसकी शिकायत पर तत्कालीन थानाध्यक्ष ने दोनों पक्षों को थाने पर बुलाकर समझौते का प्रयास किया। हालांकि, विशाल सिंह बातचीत के लिए नहीं पहुंचा था। प्रभात शुक्ल ने बताया कि 6 मार्च 2026 की रात करीब नौ बजे देवांश अपने कुछ दोस्तों के साथ गजराजगंज स्थित एक रेस्टोरेंट पर खाना खाने गया था।
वहां अचानक राहुल सिंह अपने चार-पांच साथियों के साथ पहुंच कर राहुल ने बात करने के बहाने देवांश को बाहर बुलाया और जबरन एक गाड़ी में बिठाकर अज्ञात दिशा की ओर ले गया। उसके बाद से देवांश का कोई संपर्क या अता-पता नहीं है। मोबाइल भी स्विच ऑफ है।
पिता प्रभात शुक्ल ने थाना प्रभारी से तत्काल संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्यवाही करने की मांग की है। पीड़ित परिजनों ने आशंका जताई है कि उनके बेटे की जिंदगी खतरे में है और देरी घातक साबित हो सकती है। इस संबंध में थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार तिवारी ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।