पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि शहबाज कम समय में ज्यादा पैसा कमाना चाहता था। माफिया मुख्तार अंसारी और उसके बेटे अब्बास अंसारी से वह प्रभावित भी था। शहबाज ने पुलिस को बताया कि अब्बास अंसारी मऊ से लेकर बनारस के तमाम लोगों के बीच लोकप्रिय है।
उसके जानने वालों ने ही कहा था कि सीए के यहां काम करने के दौरान वह अब्बास अंसारी के लिए रुपये के लेनदेन का काम करेगा तो उसे अच्छा पैसा मिलेगा। उसका नाम भी अब्बास अंसारी के साथ जुड़ेगा। लालच में आकर नहीं कर सका और अब्बास के गुर्गों के कहने पर उसके मददगारों को रुपये मुहैया कराने लगा।
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चित्रकूट के पुलिस अफसरों ने कहा कि प्रकरण में शहबाज आलम के अन्य करीबियों की भूमिका की जांच की जा रही है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। उसका मोबाइल डेटा रिकवर किया जा रहा है। प्रकरण में जिस किसी की संलिप्तता उजागर होगी, उसे ठोस साक्ष्य और तथ्यों के साथ गिरफ्तार किया जाएगा।