इसके बाद लड़कों ने यह बात लोगों को बताई। बच्चों की बात सुनकर वहां लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। रामप्रीत यादव व वहां मौजूद अन्य ग्रामीणों मिट्टी को हटाया तो उसमें से शिवलिंग मिला। धीरे-धीरे शिवलिंग के प्रकट होने की सूचना गांव सहित पूरे इलाके में फैल गई।
प्राचीन समय में भी मूर्ति पूजा को महत्व दिया जाता था। शिवलिंग के पत्थर की जांच के बाद ही उसके पुरातन होने का प्रमाण मिल सकेगा। लोगों मूर्ति को संरक्षित करके आगे की प्रक्रिया के लिए प्रयास करने की जरूरत है।
प्रो. ओएन सिंह, विभागाध्यक्ष पुरातत्व विभाग बीएचयू